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Saturday, 26 March 2016

नौकरी के लिए तेजी से उभर रहे हैं ये शहर, जानिए क्या है मौका.

नौकरी के लिए तेजी से उभर रहे हैं ये शहर, जानिए क्या है मौका


यदि आप भी नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो इन शहरों का रुख कर सकते हैं। भारत सरकार की जनगणना के मुताबिक, दक्षिण भारत के शहरों में नौकरी जल्दी और आसानी से मिलती है। भारत सरकार के लेबर डिपार्टमेंट की ओर से 506 शहरों पर किए गए सर्वे के मुताबिक, तिरुपुर, शांतिपुर जैसे छोटे शहरों में नौकरी के ज्यादा मौके हैं। सर्वे के मुताबिक, बड़े शहरों के मुकाबले यहां तेजी से नौकरियों के अवसर बढ़ रहे हैं।

तिरुपुर
देश में टेक्सटाइल इंडस्ट्री नौकरी देने वाले सेक्टर में दूसरे नंबर पर आती है। तमिलनाडु के तिरुपुर में सबसे ज्यादा नौकरियों के मौके हैं। नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए तिरुपुर सबसे बेस्ट शहर है। यहां स्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर के लिए टेक्सटाइल सेक्टर में नौकरी आसानी से मिल जाती है। तिरुपुर टेक्सटाइल और निटवेयर का बड़ा हब है। यहां से देश का 90 फीसदी कॉटन निट वेयर एक्सपोर्ट होता है।

शांतिपुर
पश्चिम बंगाल के इस छोटे कस्बे को हाल में ही शहर का दर्जा मिला है। शांतिपुर हैंडलूम साड़ियों के लिए फेमस है। यहां कि शांतिपुरी साड़ी मशहूर है। हैंडलूम के अलावा शांतिपुर टेक्सटाइल बेल्ट के तौर पर भी उभर रहा है। शांतिपुर लिस्ट में दूसरे नंबर पर है।

इरोड
तमिलनाडु का इरोड टेक्सटाइल और एग्रीक्लचर का बड़ा हब है। यहां हल्दी, हैंडलूम और निटवेयर का प्रोडक्शन सबसे ज्यादा होता है। इरोड में सबसे ज्यादा नौकरी टेक्सटाइल, हल्दी और ऑयल इंडस्ट्री में है। यहां करीब 68.83% वर्क फोर्स इन्हीं तीन इडस्ट्री से जुड़ी हुई है। इरोड को ‘येलो सिटी’ भी कहा जाता है।

राजापलयम
तमिलनाडु के मदुरै से 85 किलोमीटर दूर राजापलयम भी टेक्सटाइल सेक्टर के बड़े केंद्र के तौर पर उभर रहा है। यह शहर अपने टूरिस्ट स्पॉट के लिए भी फेमस है। इस शहर की इकोनॉमी टेक्सटाइल, स्पिनिंग मिल्‍स और कॉटन वेविंग मिल्स पर निर्भर करती है।

मंगलागिरी
गुंटूर का मंगलागिरी शहर आंध्र प्रदेश राज्य का बड़ा टेक्सटाइल हब है। यहां लाखों की संख्या में लोगों को रोजगार मिला हुआ है। यहां टेक्सटाइल, फर्टिलाइजर, रबड़, सीमेंट इंडस्ट्री है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में आंध्र प्रदेश दूसरे नंबर पर है। यहां सरकार ने भी नौकरी के मौके बढ़ाने के लिए कारोबारी माहौल को बेहतर बनाया है।

बिहार, यूपी और जम्मू-कश्मीर में कम हैं नौकरी के मौके
बिहार, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के शहर सबसे कम नौकरी देने वाले शहरों की गिनती में शामिल है। इसमें बिहार के 6 शहर, यूपी के 3 शहर और जम्मू-कश्मीर का अनंतनाग शामिल है। यहां की आबादी के महज   20 फीसदी लोगों के पास रेग्युलर रोजगार है।


Monday, 21 March 2016

बेटा नहीं बेटी बनाएगी करोड़पति, जानिए कहां करें इन्वेस्ट.

बेटा नहीं बेटी बनाएगी करोड़पति, जानिए कहां करें इन्वेस्ट


समय के साथ बेटियों के लिए फाइनेंशियल प्‍लानिंग का तरीका बदल गया है। बेटी के नाम से शुरू किया गया इन्‍वेस्‍टमेंट अब आपको करोड़पति बना सकता है। केंद्र सरकार की सुकन्‍या समृद्धि स्‍कीम आपको यह मौका दे रही है। बेटी के 10 साल की उम्र तक इस स्‍कीम के तहत अकाउंट खोला जा सकता है। इससे न केवल आपका इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ेगा, बल्कि आपको टैक्‍स छूट भी मिलेगी। आपकी बेटी की उम्र 21 साल होने पर यह अकाउंट मैच्‍योर हो जाएगा। यदि हर साल आपने इस अकाउंट में 1.5 लाख रुपए इन्‍वेस्‍ट किया है, तो मैच्‍योरिटी पर आपको 80 लाख रुपए से भी ज्‍यादा रकम मिलेगी।

एक बेटी के नाम खुलेगा एक ही खाता
आप एक बेटी के नाम से ऐसा एक ही खाता खुलवा सकते हैं। अकाउंट खुलवाते वक्‍त आपको मिनिमम 1000 रुपए का निवेश करना होगा। बाकी, एक वित्त वर्ष में आप इस स्‍कीम के तहत 1.50 लाख रुपए तक का निवेश कर सकते हैं। स्कीम के तहत अकाउंट खोलने वाले व्यक्ति को 14 साल तक इन्‍वेस्‍टमेंट करना होगा। 14 साल इन्‍वेस्‍ट करने के बाद स्कीम 21 साल में मैच्योर होगी।

मिनिमम 500 रुपए कर सकते हैं जमा
एक अप्रैल, 2016 से इस स्कीम के तहत खुलने वाले अकाउंट पर 8.6 फीसदी के हिसाब से ब्याज मिलेगा। अभी सुकन्या समृद्धि स्कीम के तहत 9.2 फीसदी का ब्याज मिलता है। इसके अलावा डिपॉजिट पर मिलने वाले इंटरेस्ट रेट पर किसी तरह का कोई टैक्स भी नहीं लगता है। अकाउंट में हर साल आपको कम से कम पांच सौ रुपए डिपॉजिट करने होंगे। अगर आप किसी साल पैसा जमा नहीं करते हैं तो पेनल्टी देनी होगी।

इस स्कीम में इन्‍वेस्‍टमेंट के फायदे
सुकन्या स्कीम में इन्‍वेस्‍ट करना फायदे का सौदा है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अन्‍य स्मॉल सेविंग स्कीम के मुकाबले आज भी इसमें सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट मिलता है। इस स्‍कीम के साथ अच्‍छी बात यह है कि इससे बेटी की शादी और पढ़ाई के खर्च को भी आप पूरा कर सकते हैं। जो रकम आपको मैच्युरिटी के बाद मिलेगी, उस पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा।

कितने खोल सकते हैं अकाउंट
सुकन्या समृद्धि अकाउंट के तहत आप एक लड़की के नाम से एक अकाउंट ही खोल सकते हैं। जिन घरों में दो बेटियां हैं या जुड़वा बच्चे हैं, उनके माता-पिता ज्यादा से ज्यादा तीन अकाउंट खोल सकते हैं। बेटी के 18 साल की उम्र होने पर अकाउंट में जमा 50 फीसदी राशि को आप विदड्रॉ कर सकते हैं। इस विदड्रॉल पर भी आपको किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं देना होगा। बेटी की शादी के अवसर पर आप पूरा पैसा अकाउंट से विदड्रॉ करके इसको बंद कर सकते हैं।

कहां खुलवा सकते हैं अकाउंट
सुकन्या समृद्धि अकाउंट आप देश भर के किसी भी पोस्ट ऑफिस या फिर कुछ प्रमुख बैंकों में खुलवा सकते हैं। इसके लिए पोस्ट ऑफिस अथवा बैंक में जाकर आपको फॉर्म भरना होगा। फॉर्म भरने के बाद कैश, ड्राफ्ट या चेक की मदद से पैसा डिपॉजिट करना होगा। इसके बाद पोस्ट ऑफिस या फिर बैंक की तरफ से अकाउंट खुल जाएगा और आपको अकाउंट की पासबुक भी मिल जाएगी। इस क्रम में जब भी आप अकाउंट में पैसा डिपॉजिट करें तो उसकी पासबुक में एंट्री जरूर करवा लें, ताकि आपको पता रहे कि कितना पैसा आपने जमा किया है।

इन डॉक्युमेंट्स की पड़ेगी जरूरत
सुकन्या स्कीम में अकाउंट खोलने के लिए आपको जिन डॉक्युमेंट्स की आवश्यकता पड़ेगी, वे हैं-
-बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट
-माता-पिता या अभिवावक का एड्रेस प्रूफ
-माता-पिता या अभिभावक का आइडेंटिटी प्रूफ


Tuesday, 1 March 2016

अगर आपके पास है छत तो ये हैं कमाई के 4 बेस्ट मौके.

अगर आपके पास है छत तो ये हैं कमाई के 4 बेस्ट मौके

अगर किसी शहर में आपका अपना घर या ऐसी बिल्डिंग है और उसकी छत खाली पड़ी है तो आप कई बिजनेस कर सकते हैं। ये बिजनेस आपको घर बैठे अच्‍छी खासी रकम दे सकते हैं। इसके लिए आपको बहुत ज्यादा इन्वेस्टमेंट भी नहीं करना पड़ेगा, हालांकि थोड़ी सावधानी जरूर बरतनी होगी। अगर आप बिल्कुल इन्वेस्टमेंट नहीं करना चाहते हैं तो छत किराए पर देकर भी कमाई कर सकते हैं।

कुछ बिजनेस के लिए बैंक भी देते हैं लोन
दिलचस्‍प यह है कि इनमें से कुछ बिजनेस के लिए बैंक भी लोन देते हैं। मार्केट में ऐसी एजेंसियां भी हैं, जो आपकी छत की पहचान कर आपको बिजनेस ऑफर करती हैं। ये लोन आपको सोलर इंडस्ट्री से लेकर टेलिकॉम इंडस्ट्री, एग्रीकल्चर इंडस्ट्री, रियल एस्टेट इंडस्ट्री के लिए मिल सकते हैं। मनीभास्‍कर की टीम ने ऐसे ही कुछ बिजनेस के बारे में रिपोर्ट तैयार की है। जानिए, कैसे आप सोलर से लेकर रियल एस्टेट इंडस्ट्री के साथ जुड़कर कमाई कर सकते हैं.

25 साल तक सोलर प्‍लांट से कमाएं
पिछले कुछ सालों में भारत ही नहीं, दुनिया भर में सोलर पावर को लेकर आकर्षण बढ़ा है। सरकार भी इसे बढ़ावा दे रही है। ऐसे में यदि अपनी बिल्डिंग की छत पर सोलर प्‍लांट लगाना चाहते हैं तो यह न केवल आपका बिजली का बिल बचा सकता है, बल्कि आप सोलर बिजनेस भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने एरिया की डिस्‍कॉम से संपर्क करना होगा, जो आपके घर पर एक मीटर लगा देगी, जिससे यह पता चलेगा कि आपने डिस्‍कॉम को कितनी बिजली बेची। कमाई के रेट हर राज्‍य की सोलर पॉलिसी के आधार पर तय हैं। जैसे कि, दिल्‍ली में प्रति यूनिट 5.30 रुपए के आधार पर डिस्‍कॉम पैमेंट करती है। सोलर प्‍लांट के लिए आपको केवल 70 से 80 हजार रुपए प्रति किलोवाट के हिसाब से इन्वेस्‍टमेंट करना होगा और जिसके जरिए आप 25 साल तक रिटर्न ले सकते हैं। इंडस्‍ट्री मानकाें के अनुसार एक प्‍लांट अधिकतम 25 साल तक काम कर सकता है।

टैरेस फार्मिंग कर कमाएं पैसा
टैरेस फार्मिंग इंडिया में लगातार पॉपुलर हो रही है। इसके लिए बिल्डिंग की छत पर ग्रीन हाउस बनाना होगा। जहां, पॉलीबैग में सब्जियों के पौधे लगाए जा सकते हैं और ड्रिप सिस्टम से निरंतर सिंचाई की जा सकती है। तापमान और मॉयश्चर को कंट्रोल करने के लिए इक्‍विपमेंट लगाने होंगे। पॉलीबैग में मिट्टी व कोकोपीट भरने होंगे। इसके लिए जैविक खाद का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। पौधों में मच्छर या अन्य बीमारियां होने पर कीटनाशक का इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए। जहां तक मार्केटिंग की बात है तो एक बार लोगों को आपके बारे में पता चलेगा तो लोग खुद ही सब्जियां खरीदने आपके पास पहुंचने लगेंगे। या आप उनके घरों तक भेजने के लिए डिलीवरी ब्‍वॉय भी रख सकते हैं।

छत पर लगवाएं मोबाइल टावर
अगर आपकी बिल्डिंग की छत खाली है तो आप उसे मोबाइल कंपनियों को किराए पर दे सकते हैं। कंपनियां यहां मोबाइल टावर लगाकर एक आकर्षक रकम हर महीना आपको दे देंगी। हालांकि, इसके लिए आपको न केवल आसपड़ोस के लोगों से नो ऑब्‍जेक्‍शन सर्टिफिकेट लेना होगा, बल्कि आपको स्‍थानीय नगर निगम से भी इजाजत लेनी होगी। कॉल ड्रॉप की बढ़ती समस्‍या को देखते हुए सरकार टावर लगाने के नियमों को सरल करने जा रही है, जिससे आपके मौके और बढ़ जाएंगे। बीएसएनएल के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियां गांवों में एक टॉवर लगाने पर 10 से 15 हजार रुपए और शहरों में 20 से 30 हजार रुपए प्रति माह पैमेंट करती हैं।

होर्डिंग्‍स लगवा कर करें कमाई 
यदि आपकी बिल्डिंग ऐसी लोकेशन पर है, जो दूर से आसानी से दिखती हो या किसी मेन रोड के साथ लगती है तो आप अपनी छत पर होर्डिंग्‍स लगवा कर अच्‍छी खासी रकम पा सकते हैं। हर शहर में ऐसी एडवरटाइजिंग एजेंसी हैं, जो आउटडोर एडवरटाइजिंग का काम करती हैं। आप इस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं, जो हर तरह की क्‍लीयरेंस लेकर आपकी छत पर होर्डिंग लगाएगी। हालांकि, आपको सचेत रहना होगा कि होर्डिंग लगाने से पहले एजेंसी के पास क्‍लीयरेंस हैं या नहीं, वरना आप के खिलाफ सरकारी कार्रवाई हो सकती है। होर्डिंग का किराया प्राॅपर्टी की लोकेशन के आधार पर तय होता है।


Thursday, 25 February 2016

हाउसवाइफ के लिए ये हैं 5 बेस्ट बिजनेस, 2 हजार में शुरू कर सकते हैं कारोबार.


हाउसवाइफ के लिए ये हैं 5 बेस्ट बिजनेस, 2 हजार में शुरू कर सकते हैं कारोबार


-कॉमर्स सेक्टर, स्मार्टफोन ने घर बैठे बिजनेस शुरू करने के कई मौके पैदा कर दिए हैं। अब घर बैठे महिलाएं शौकिया किए जाने वाले काम को कारोबार में बदल सकती हैं। घर बैठे आप कैसे बुटीक, बुनाई, आर्ट, पापड़ का बिजनेस कर सकते हैं।

1- होममेड लिफाफे

शादियों के समय में लिफाफों की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। खासकर डिजाइनर होममेड लिफाफों को लोग सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। आप स्‍थानीय थोक बाजार से हैंडमेड पेपर, गोल्डन लेस खरीद सकते हैं। आप अपने प्रोडक्ट थोक, रिटेल और ऑनलाइन मार्केट में बेच सकते हैं। हैंडमेड लिफाफे बनाने में आपको अपनी क्रिएटिविटी दिखानी पड़ेगी। ये आप इंटरनेट और यूट्यूब पर देख सकते हैं। यहां आपको इन्वेस्टमेंट पर 50 फीसदी तक का रिटर्न मिल सकता है।
इन्वेस्टमेंट - 2 हजार रुपए
कहां हैं मार्केट – ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट, थोक, रिटेल मार्केट और रिटेल चेन

2- बुटीक

ज्यादातर महिलाओं के पास कपड़े की सिलाई का हुनर होता है। अगर आपको नए डिजाइन करने, लेटेस्ट ट्रैंड को पहचानने की समझ है तो आप भी बुटीक खोल सकते हैं। आप इस कारोबार को घर में ही शुरू कर सकते हैं। आपको बुटीक के लिए ड्रेस मेटेरियल, लेस, धागे, डिजाइनर बटन जैसा सामान थोक मार्केट से मिल जाएगा। इस कारोबार को शुरू करने के लिए आपको न्युनतम 10 हजार रुपए से शुरू कर सकते हैं। इसमें करीब 50-60 फीसदी का प्रॉफिट मार्जिन मिल जाता है। आप इन कपड़ों ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर बेच सकती है। यहां डिजाइनर वेयर की सबसे ज्यादा मांग है।
इन्वेस्टमेंट - 10 हजार रुपए
कहां हैं मार्केट - ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट, थोक, रिटेल मार्केट और रिटेल चेन

3- आर्ट एंड क्राफ्ट

हाउसवाइफ इस कारोबार को आराम से शुरू कर सकती हैं। यदि आपको घर बैठे डिजाइनर कैंडल, डेकोरेटिव पीस, पेंटिंग, डेकोरेटिव दिये बनाने का शौक है तो इसे कारोबार में तब्दील करने का अच्छा समय है। स्‍थानीय थोक बाजार से आपको बहुत कम कीमत में आर्ट और क्राफ्ट का सामान मिल जाएगा। होटल और इवोक, विल्स लाइफस्टाइल, फैब इंडिया जैसे बड़े आउटलेट पर इनकी डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। आप यहां अपने प्रोडक्ट बेच सकते हैं। प्रोडक्ट की डिमांड उसकी क्रिएटिविटी और इस बात पर निर्भर करती है कि वह दूसरे प्रोडक्ट से कितना अलग है। यहां आपको इन्वेस्टमेंट पर 50 से  60 फीसदी तक का रिटर्न मिल सकता है। बशर्ते अपने प्रोडक्ट को सही जगह बेचें।
इन्वेस्टमेंट - 5 हजार रुपए
कहां हैं मार्केट – ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट, रिटेल मार्केट और रिटेल चेन

4- कढ़ाई और बुनाई

ज्यादातर महिलाओं को घर में ही स्वेटर बनाने का शौक है, तो इसे कारोबार में तब्दील कर सकते हैं। आजकल ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट हैंडमेड स्वेटर का अलग सेक्शन बनाकर बेच रही है। इस काम के लिए आप अपने आसपास की महिलाओं को जोड़ सकते हैं। बुनाई के लिए ऊन और सिलाईयां आपको थोक बाजार से मिल जाएगी। इस कारोबार में मेहनत ज्यादा है। हालांकि, आप लुधियाना से स्टॉक मंगाकर भी बेच सकते हैं। इसमें आप 3 हजार रुपए न्युनतम इन्वेस्ट कर 50 फीसदी मार्जिन कमा सकते हैं।
इन्वेस्टमेंट -3 हजार रुपए
कहां हैं मार्केट – ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट, थोक, रिटेल मार्केट और रिटेल चेन

5- पापड़ बनाना

ज्यादातर महिलाओं को घर पर पापड़ बनाने का शौक होता है। ये बिजनेस आप अपनी छत पर ही शुरू कर सकते हैं। लोकल मार्केट से पैकिंग मैटेरियल और पैकिंग मशीन खरीद लें। पैकिंग मशीन थोक बाजार में 2,500 रुपए में मिल जाएगी। पापड़ को लोकल, थोक मार्केट में बेच सकते हैं। इसके अलावा बिग-बाजार, फेयरप्राइज, रिलायंस जैसी रिटेल चेन को भी सप्लाई कर सकते हैं। यह कारोबार न्यूनतम 10 हजार रुपए में शुरू कर सकते हैं। इससे आपको 25 से 30 हजार रुपए तक की कमाई हो सकती है। यह कमाई आपके प्रोडक्ट की डिमांड, पैकिंग और एरिया पर भी निर्भर करती है।
इन्वेस्टमेंट - 10 हजार रुपए
कहां हैं मार्केट - ऑनलाइन, थोक, रिटेल मार्केट और रिटेल चेन


Monday, 15 February 2016

2 से 5 लाख रुपए में बिजनेस करने का मौका, ये 5 कंपनियां दे रही हैं फ्रेंचाइजी.

2 से 5 लाख रुपए में बिजनेस करने का मौका, ये 5 कंपनियां दे रही हैं फ्रेंचाइजी

अगर आप 2 लाख से 5 लाख रुपए तक निवेश करके किसी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेना चाहते  हैं, तो अच्छा मौका है। इस समय कई प्रमुख कंपनियां अपना एक्सपेंशन कर रही हैं। इनकी फ्रेंचाइजी लेकर आप हर महीने अच्‍छी कमाई कर सकते हैं।

डीटीडीसी एक्‍सप्रेस लिमिटेड  (कुरियर एंड कार्गो)
कैटेगरी सप्‍लाई चेन मैनेजमेंट
वर्किंग कैपिटल- 50 हजार से 2 लाख रुपए
वर्किंग एरिया- 250 वर्ग फुट की जगह (इसकी लागत शहर एवं लोकेशन पर निर्भर करती है )।
फ्रेंचाइजी फीस-  1 लाख रुपए

एक्‍सपेंशन लोकेशन - नई दिल्‍ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर, पंजाब, उत्‍तराखंड केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, पं बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, गुजरात, राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र, गोवा, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश, बिहार, झारखंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़ तथा लक्षद्वीप, दमन और दीव आदि।

डीटीडीसी एक्‍सप्रेस डिलिवरी की शुरुआत बेंग्‍लुरु से साल 1990 में हुई थी। अब इसका नेटवर्क देशभर में है। कंपनी के रीजनल चैनल मैनेजर नवीन ठाकुर ने बताया कि 50 हजार रुपए  से 1 लाख रुपए तक फ्रेंचाइजी फीस, वर्किंग कैपिटल 50 हजार से 2 लाख रुपए एवं 250 वर्ग फीट एरिया के साथ इसको शुरू किया जा सकता है। फ्रेंचाइजी के लिए डीटीडीसी के वेबासाइट http://dtdc.in पर लॉगइन कर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

अपोलो हेल्‍थ एंड लाइफस्‍टाइल लिमिटेड
कैटेगरी- डायग्‍नोस्टिक सेंटर
वर्किंग कैपिटल- 2 लाख से 5 लाख रुपए
वर्किंग एरिया- 200 वर्ग फीट जगह में स्‍टार्ट कर सकते हैं कारोबार (इसकी लागत शहर एवं लोकेशन पर निर्भर है)।
फ्रेंचाइजी फीस- 1 लाख रुपए

एक्‍सपेंशन लोकेशन- नई दिल्‍ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर, पंजाब, उत्‍तराखंड, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड, पं बंगाल, सिक्किम, गुजरात, राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र, गोवा, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश, बिहार और झारखंड आदि।

अपोलो हेल्‍थ एंड लाइफस्‍टाइल लिमिटेड (एएचएलएल) अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप की सहायक कंपनी है। इसे साल 2002 में शुरू किया गया, जिसका हेडक्‍वाटर हैदराबाद में है। यह कंपनी डायग्‍नोस्टिक सेंटर खोलने के लिए साल 2015 से फ्रेंचाइजी देने का काम कर रही है। कंपनी के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार एएचएलएल के डायग्‍नोस्टिक सेंटर के लिए फ्रेंचाइजी फीस 1 लाख रुपए, वर्किंग कैपिटल, 2 लाख से 5 लाख रुपए और वर्किंग एरिया 200 वर्ग फुट है। फ्रेंचाइजी के लिए एएचएलएल के वेबसाइट http://www.apollodiagnostics.in/franchise-patient-care-center पर जाकर लॉग इन करके ऑनलाइन अप्‍लाई किया जा सकता है। इसके बाद तय मानकों को पूरा करके देश के किसी भी हिस्‍से में इसकी फ्रेंचाइजी लेकर आप कारोबार शुरू कर सकते हैं।

अमेरिकन किड्ज प्‍ले स्‍कूल
कैटेगरी- प्‍ले एंड प्री नर्सरी स्‍कूल
वर्किंग कैपिटल- 2 लाख से 5 लाख रुपए
वर्किंग एरिया- यह कारोबार 1200 से 1500 वर्ग फीट जगह में शुरू कर सकते हैं (इसकी लागत शहर एवं उसके लोकेशन पर निर्भर है )।
फ्रेंचाइजी फीस-  50 हजार रुपए

एक्‍सपेंशन लोकेशन- दिल्‍ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर, पंजाब, उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड, पं बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, गुजरात, राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र, गोवा, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पुड्डुचेरी, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप, दमन और दीव आदि।

प्‍ले और प्री नर्सरी स्‍कूल एजुकेशन के क्षेत्र में बिजनेस करने के इच्‍छुक लोगों के लिए अमेरिकन किड्ज एक बेहतर अवसर आपको दे रहा है। कंपनी के सीईओ आमोद भारद्वाज ने बताया कि देश के किसी भी शहर में यदि कोई व्‍यक्ति अमेरिकन किड्ज प्‍ले स्‍कूल की फ्रेंचाइजी लेने का इच्‍छुक है तो 2 लाख से 5 लाख रुपए के  इंवेस्‍टमेंट इसके अलावा  50 हजार रुपए फ्रेंचाइजी फीस एवं 1200 से 1500 वर्ग फुट जगह में इसे कोई भी शुरू कर सकता है। इसके लिए http://www.americankidz.edu.in पर लॉग इन कर आपको ऑनलाइन अप्‍लाई करना होगा उसके बाद सारी प्रक्रिया पूरी करके आप इसकी फ्रेंचाइजी ले सकता है।

स्‍मार्ट स्‍कूल एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड
कैटेगरी- प्‍ले एंड प्री नर्सरी स्‍कूल
वर्किंग कैपिटल- 50 हजार से 2 लाख रुपये
वर्किंग एरिया- जरूरी नहीं, घर से भी शुरू कर सकते हैं।  (इसकी लागत शहर एवं लोकेशन पर निर्भर है )।
फ्रेंचाइजी फीस- 1.5 लाख रुपए

एक्‍सपेंशन लोकेशन- नई दिल्‍ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर, पंजाब, उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और  नागालैंड, पं बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, गुजरात, राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र, गोवा, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश तथा  बिहार, झारखंड, पुडूचेरी, चंडीगढ़, लक्षद्वीप, दमन और दीव आदि।

स्‍मार्ट स्‍कूल एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत साल 2008 में शुरू हुई थी, जिसके बाद साल 2011 से इसकी फ्रेंचाइजी देने का काम शुरू हुआ। इसके बिजनेस हेड मुकुल धूल ने बताया कि अगर आप भी  एजुकेशन से संबंधित बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो स्‍मार्ट स्‍कूल का फ्रेंचाइजी लेकर अपने घर में ही इसको शुरू कर सकते हैं। जिसके लिए वर्किंग कैपिटल 50 हजार से 2 लाख रुपए, फ्रेंचाइजी फीस 1.5 लाख रुपए की जरूरत होती  है। इसके लिए आपको इसके वेबसाइट http://www.smartschoolonline.in पर लॉग इन करके ऑनलाइन अप्‍लाई कर सकते हैं। 

वेज एंड सॉल्‍यूशनस प्राइवेट लिमिटेड
कैटेगरी- एचआर एंड रिक्रूटमेंट
वर्किंग कैपिटल- 50 हजार से 2 लाख रुपये
वर्किंग एरिया- 200 वर्ग फुट जगह में शुरू हो सकता है कारोबार  (इसकी लागत शहर एवं लोकेशन पर निर्भर है जिसे यहां नहीं दिया गया है)।
फ्रेंचाइजी फीस- 1.50 लाख रुपए

एक्‍सपेंशन लोकेशन- नई दिल्‍ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर, पंजाब, उत्‍तराखंड केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड पं बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, गुजरात, राजस्‍थान महाराष्‍ट्र, गोवा, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश, बिहार, झारखंड एवं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़ तथा लक्षद्वीप, दमन और दीव आदि।

वेज एंड सॉल्‍यूशन प्राइवेट लिमिटेड स्‍पेशलाइज्‍ड ह्यूमन रिर्सोसेज सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है जो मुख्‍य रूप से देशभर में कॉरपोरेट और मल्‍टी नेशनल कंपनियों (एमएनसी) के लिए मैनपॉवर सप्‍लाई का काम करती है। जहां पर लोगों को ट्रेनिंग देने के साथ बड़ी-बड़ी कंपनियों में प्‍लेस्‍मेंट दिलाने का काम किया जाता है। इसके डायरेक्‍टर अरुण बालकृष्‍णन ने बताया कि इसके फेंचाइजी के लिए वर्किंग कैपिटल 2 लाख से 5 लाख रुपए, फ्रेंचाइजी फीस 1.50 लाख रुपए और वर्किंग एरिया के लिए 200 वर्ग फुट जगह की जरूरत होगी। जिसे इसके वेबसाइट  http://www.waaysandsolutions.com पर लॉग इन करके ऑनलाइन अप्‍लाई करके सभी प्रक्रियाओं को पूरी करके इसकी फ्रेंचाइजी लेकर कारोबार शुरू कर सकते हैं।   

Wednesday, 3 February 2016

ऐसे करें अपने बिजनेस की शुरुआत, ये 8 टिप्स करेंगे आपकी मदद.

ऐसे करें अपने बिजनेस की शुरुआत, ये 8 टिप्स करेंगे आपकी मदद


आज के दौर में ज्यादातर युवा बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग करते हैं, लेकिन सही दिशा और जानकारी के अभाव में कई बार आइडिया फेल हो जाता है। अगर प्लानिंग सही तरीके और कुछ चीजों को ध्यान में रखकर की जाए तो नुकसान होने की संभावना कम हो जाती है।  आपको कुछ ऐसे टिप्स दे रहा है, जिन्हें ध्यान में रखकर आप अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं और सफल भी हो सकते हैं।

बिजनेस की जानकारी लें:
अगर आप किसी भी बिजनेस की शुरुआत कर रहे हैं तो सबसे पहले उसके बारे में अच्छी तरह जानकारी हासिल कर लें। अगर किसी चीज की मैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू करना चाहते हैं तो उसके बारे में सबकुछ जान लें। उसकी हर तरह की जानकारी जुटा लें ताकि आपको आगे किसी भी तरह का नुकसान ना हो।

कैपिटल की पहचान करें:
किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले सबसे जरूरी होती है कैपिटल। आप बिजनेस में अपने हिसाब से कैपिटल लगा सकते हैं। इसलिए आपको अपनी सुविधा अनुसार अपनी कैपिटल का निर्धारण करना चाहिए और उसके बाद किसी भी व्यापार में इन्वेस्ट करना चाहिए।

निष्क्रिय नकदी का निवेश:
यदि आपके बैंक खाते में रकम बिना इस्तेमाल के पड़ी हुई है तो इसे शॉर्ट-टर्म इनकम फंड में लगाएं। अपनी निष्क्रिय नकदी या आपके बिजनेस के लिए फिलहाल काम नहीं आने वाली नकदी को लॉक करने के लिए यह श्रेष्ठ विकल्प है। चूंकि, इनकम फंड में प्रवेश या निकास शुल्क नहीं वसूला जाता है, इसलिए इस स्कीम से अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ ही दिनों में बाहर निकला जा सकता है।

वर्किंग कैपिटल मनी:
किसी बिजनेस की शुरुआत में आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और आपके खर्चे में भी बढ़ोतरी होती है। इसलिए आप कैपिटल के साथ-साथ कुछ रनिंग मनी भी रखें जिससे कि शुरुआत में सभी खर्चो को संभाल सके।

टेक्नोलॉजी का सहारा लें
टेक्नोलॉजी ने आज हर फील्ड में अपना अहम रोल निभाया है। नया बिजनेस शुरू करने के लिए भी टेक्नोलॉजी का सहारा लेना चाहिए। इससे आप अपने खर्चों में भी कमी कर सकते हैं और अपने व्यापार का प्रचार-प्रसार भी कर सकते हैं।

अकाउंटिंग सिस्टम:
 बिजनेस में हिसाब रखना जरूरी होता है। इसलिए अगर आप कानूनी तरीके से अपने बिजनेस की शुरुआत करेंगे तो आपके लिए फायदेमंद होगा। इसलिए आपको एक बिजनेस के तौर पर अपने रिटेलरों, आपूर्तिकर्ताओं और विक्रेताओं के लिए वैध बिल तैयार करना जरूरी है।

सीए या कानूनी सहायक:
किसी कंपनी को आमतौर पर चार्टर्ड अकाउंटेंट और कानूनी फर्म की अलग से सेवाएं लेनी चाहिए। यह दस्तावेजों के प्रबंधन और समझौते का मसौदा तैयार करने मददगार होंगे।


Saturday, 30 January 2016

इन 5 वेबसाइट से कमाइए पैसे, 60 हजार रु महीने तक हो सकती है इनकम.


इन 5 वेबसाइट से कमाइए पैसे, 60 हजार रु महीने तक हो सकती है इनकम


आपके पास घर बैठे ऑनलाइन पैसा कमाने का अच्छा मौका है। जिसे आप इन 5 वेबसाइटों पर अपना रजिस्‍ट्रेशन करके सुविधा और समय के अनुसार 100 घंटे काम करके 60 हजार रुपए तक हर महीने कमा सकते हैं। इस तरह की कई बेवसाइट्स मौजूद हैं, जिनके जरिए आप बिना कि‍सी इन्वेस्‍टमेंट के काम शुरू कर सकते हैं।

इन वेबसाइट्स से बिना इन्‍वेस्‍टमेंट कमाएं पैसे
बिना इन्‍वेस्‍टमेंट के ऑनलाइन पैसे कमाने के लिए सबसे पहले आपको एम टर्क, ओ डेस्‍क, स्क्रिप्‍टेड, फीवर और इलैंस वेबसाइट्स पर रजिस्‍टर्ड होना होगा। इसके बाद आप ऑनलाइन जॉब के लिए साइन-इन कर सकते हैं। साथ ही, साइन-इन करते समय आपको इंटरनेशनल डिजिटल वॉलेट पर अपना रजिस्‍ट्रेशन भी कराना होगा। रजिस्ट्रेशन का विकल्प वेबसाइट को साइन-इन करने के बाद आता है। ऐसा इसलिए जरूरी है, ताकि काम पूरा होने के बाद बिना किसी रुकावट के पैसा आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाए।

क्‍या है इंटरनेशनल डिजिटल वॉलेट
यह एक तरह का इलेक्‍ट्रॉनिक वॉलेट है, जिसका उपयोग बिजनेस संबंधी काम के लिए किया जाता है। यह हर व्‍यक्ति के लिए अलग-अलग होता है और यह आपके बैंक अकाउंट से भी जुड़ जाता है, जिसके जरिए आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होता रहता है।

अमेजन मेकैनिकल टर्क पर हिट से कमाएं पैसा
एम टर्क (अमेजन मेकैनिकल टर्क) एक मार्केट प्लैटफॉर्म है, जहां फ्रीलांसर और डेवलपर्स के तौर पर बिजनेस से संबंधित काम कराया जाता है। इस प्‍लेटफॉर्म पर कारोबार से संबंधित छोटे-छोटे काम होते हैं, जिसको ऑनलाइन पूरा किया जाता है। इन सभी काम को अलग-अलग हिस्‍सों में बांटकर ऑनलाइन  काम करने वाले को सौंप दिया जाता है। इसके बाद हिट के आधार पर उसका पेमेंट होता है। उदाहरण के तौर पर एक शॉपिंग बिल से किसी आइटम को निकालकर एक्‍सेल सीट में उसे जोड़ना होता है। ऐसे काम को पूरा करने में 3 मिनट से भी कम समय लगता है, जिसके लिए एम टर्क आपको 5 रुपए देती है। अमेजन मेकैनिकल टर्क डॉट कॉम के साथ काम शुरू करने के लिए आप

 https://www.mturk.com
 पर लॉग इन करें। इसके बाद आप स्‍टेप बाई स्‍टेप इसको क्लिक करते जाएंगे और आपका काम पूरा हो जाएगा।
स्‍टेप वन:- फाइंड वर्क
स्‍टेप टू :- अपने हिट पर काम करें
स्‍टेप थ्री :-किए गए काम का पेमेंट लें।
एम टर्क इस तरह के कई काम आपको घर बैठे अपनी सुविधा और समय के अनुसार करने की छूट देती है। इस तरह एम टर्क पर काम करके आप 60 हजार रुपए प्रतिमाह तक कमाई कर सकते हैं।

ओ डेस्‍क डॉट कॉम 
ओ डेस्‍क एक ऐसा प्‍लेटफार्म है, जो अपने साथ छोटे-छोटे कारोबार के लिए इंडिविजुअल्स डेवलपर्स और फ्रीलांसर को जोड़ने का काम करता है। यदि आप वेब डिजाइनिंग, लोगो डिजाइनिंग के अलावा वर्डप्रेस वेबसाइट को डेवलप और मेंटेन करने की योग्‍यता रखते हैं, तो इसके साथ जुड़कर अच्‍छी कमाई कर सकते हैं। ओ डेस्‍क इस तरह के काम के लिए 300 रुपए तक प्रति घंटे के हिसाब से पेमेंट करती है। ओ डेस्‍क के साथ काम करने के लिए आपको
https://www.odesk.com पर लॉग इन करना होगा।
जहां पर सबसे पहले हाऊ इट वर्क का ऑप्‍शन आएगा, जिस पर क्लिक करने पर तीन ऑप्‍शन मिलेंगे जहां पर आपको स्‍टेप बाई स्‍टेप क्लिक करना है। यहां  पर जॉब एग्रीमेंट करके आप प्रत्‍येक महीने अच्‍छी कमाई कर सकते हैं।

स्‍क्रिप्‍टेड डॉट कॉम
स्क्रिप्‍टेड फ्रीलांसर लेखकों का एक ऐसा नेटवर्क है, जिसकी वेबसाइट ऑनर जरूरत के मुताबिक कंटेंट को पोस्‍ट करते हैं। यदि आपकी अंग्रेजी बेहतर है और क्रिएटिव राइटिंग जानते हैं, तो 5 सौ शब्‍दों के कंटेंट के लिए 25 डॉलर यानी 1500 रुपए तक की कमाई कर सकते हैं। इस नेटवर्क के साथ जुड़कर अच्‍छे अंग्रेजी लेखक 60 हजार रुपए प्रतिमाह तक कमा रहे हैं। आप भी इसके साथ जुड़ना चाहते हैं तो
http://scripted.com पर लॉग इन करना होगा।
इसके बाद इस पर आपको 5 ऑप्‍शन मिलेंगे जहां पर काम के बारे में विस्‍तृत जानकारी दी गई है। इसके बाद सबसे अंत में गेट स्‍टार्ट का ऑप्‍शन दिया गया है जिस पर क्लिक करके आप काम शुरू कर सकते हैं।

फीवर डॉट कॉम
फीवर डॉट कॉम एक यूनीक प्‍लैटफॉर्म हैं। यहां जुड़कर आप अच्‍छी कमाई कर सकते हैं। हालांकि, फीवर डॉट कॉम सिर्फ ऐसे काम ही करवाता है, जिनको पूरा करने की लागत 5 डॉलर तक आती है। अगर आप लोगो डिजाइन, लेखन और अनुवाद करने का काम जानते हैं, तो फीवर डॉट कॉम आपको हर काम के लिए 5 डॉलर देगा। इसके अलावा फीवर डॉट कॉम इसलिए भी पॉपुलर है, क्‍योंकि यह ऐसे लोगों को काम सौंपती है जो घर बैठे तय समय-सीमा में उसे पूरा कर सकें। अगर आप इसके साथ जुड़ना चाहते हैं तो
https://www.fiverr.com पर लॉग इन करना होगा।
इसके बाद इस वेबसाइट के बीच में फाइंड सर्विस का ऑप्‍शन है जिस पर क्लिक करने के बाद स्‍टेप बाई स्‍टेप सारे प्रोसेस को पूरा करने के बाद इसके साथ साइन अप करना होगा जिसके बाद आप पैसा कमाना शुरू कर सकते हैं।

इलैंस डॉट कॉम
पैसे कमाने के लिए इलैंस डॉट कॉम सबसे बड़ी ऑनलाइन वेबसाइट है। इस कैटेगरी में यह सबसे पुरानी वेबसाइट्स में से एक है। इसे 1999 में शुरू किया गया था। एक अनुमान के मुताबिक, तकरीबन 20 लाख फ्रीलांसर इसके साथ नियमित रूप से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा पिछले साल ओ डेस्‍क डॉट कॉम का अधिग्रहण इलैंस ने कर लिया था। अभी दोनों वेबसाइटस करीब 80 लाख लोगों के साथ जुड़कर के 180 देशों में फ्रीलांस का काम कर रही है। जबकि इन वेबसाइटस का ऑनलाइन कारोबार तकरीबन 1200 करोड़ रुपए का है। यदि आप भी घर बैठे
https://www.elance.com के साथ काम करना चाहते हैं तो इस पर लाग इन करना होगा।
इसके बाद आपको दो  ऑप्‍शन मिलेगा जिसमें से दाहिने साइट में वर्क फाइंड करने का ऑप्‍शन है जिस पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी को स्‍टेप बाई स्‍टेप देकर के आप काम शुरू कर सकते हैं। जहां से आप हर महीने अच्‍छी कमाई कर सकते हैं।

Tuesday, 19 January 2016

घर में शुरू करें डे केयर का काम, हो सकती है लाख रुपए महीने की कमाई.


घर में शुरू करें डे केयर का काम, हो सकती है लाख रुपए महीने की कमाई

डे-केयर सेंटर या क्रेच का कारोबार शहरों में तेजी से बढ़ रहा है। न्यूक्लियर फैमिली में पति-पत्नी दोनों के नौकरी करने के कारण क्रेच की डिमांड लगातार बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में डे केयर वाले बच्चों को हफ्ते में छह दिन और 8 घंटे संभालने के लिए 5,000 से 10,000 रुपए फीस लेते हैं। अगर आपके पास घर में खाली कमरे हैं, तो आप भी डे केयर का कारोबार शुरू कर सकते हैं। 

क्यों बन रहा है प्रॉफिटेबल बिजनेस
पेरेंट्स के पास वर्किंग आवर में बच्चों को संभालने के लिए समय नहीं है। इसलिए वह बच्‍चों को संभालने के लिए भरोसेमंद विकल्प खोजते हैं। यही कारण है कि डे केयर कारोबार प्रॉफिटेबल बिजनेस बनता जा रहा है। यह कारोबार शुरू करना काफी आसान है। हालांकि, स्टैंडर्ड मेंटेन करना और मॉनिटरिंग रखना जरूरी है। साफ-सफाई, बच्चों के खेलने का एरिया, बच्चों की सुरक्षा, और बच्चों पर मॉनिटरिंग के जरिए ही डे केयर पर पेरेंट्स का भरोसा बढ़ता है।

कितना करना होगा निवेश
यह कारोबार शुरू करने के लिए 2 से 10 लाख रुपए की जरूरत है। हालांकि अगर आपके पास अपना घर या एरिया है, तो इस कारोबार को 50 हजार रुपए से भी शुरू किया जा सकता है। क्‍योंकि आपको रेंट का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। आप डे केयर कारोबार से एक लाख रुपए महीना तक कमा सकते हैं।

कितनी चाहिए जगह
डे केयर के लिए आपको 1500 – 2000 वर्ग फीट एरिया चाहिए। कमरे हवादार और बड़े होने चाहिए। खेलने के लिए जगह, साफ किचन, प्ले रूम के लिए जगह चाहिए।

वन टाइम कॉस्ट
किड्स फर्नीचर, किड्स टॉयज, पज्जल गेम, टीवी, एसी, फ्रिज, माइक्रोवेव ओवन, जानकारी वाले चार्ट। इसमें करीब पचास हजार रुपए इन्वेस्ट करने पड़ेंगे।
ऑपरेटिंग कॉस्ट
डे केयर चलाने के लिए कर्मचारियों का वेतन, बिजली-पानी का बिल आपकी फिक्सड कॉस्ट है।

रजिस्ट्रेशन
 म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में जाकर रजिस्टर कराना होगा।
प्रोफेशनल स्टॉफ
आपको बच्चों के लिए प्रोफेशनल स्टॉफ भी रखना होगा। जैसे प्री स्कूल टीचर स्टाफ और मेड।
सीसीटीवी कैमरा
 अपने डे केयर में सीसीटीवी कैमरा जरूर लगवाएं। जिससे जरूरत पड़ने पर पेरेंट्स बच्चों की विडियो को लाइव अपने मोबाइल पर देख सकें। इससे आपके डे-केयर पर अभिभावकों का भरोसा बढ़ेगा।

इन बातों का रखना होगा ध्यान
आपके पास बच्चों का डॉक्टर, डाइटीशियन होना चाहिए, जो आपकी फोन कॉल पर इमरजेंसी में आ सके। आपको ध्यान रखना होगा कि आप बच्चों के साथ डील कर रहे हैं। इसलिए फर्नीचर, एक्टिविटी एरिया और इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसा होना चाहिए जिससे उन्हें कोई चोट न लगे।
अन्य
हैंडआउट जिसमें, टॉडलर (शिशु) के खाने का मेन्यु और एक्टिविटी लिखी हो।

फेसबुक और ब्लॉग बनाकर कीजिए प्रचार
अपने डे केयर का प्रचार करने के लिए विज्ञापन कीजिए। फेसबुक और ब्लॉग पेज बनाकर डे केयर का प्रमोशन कर सकते हैं। फेसबुक और ब्लॉग पेज माउथ टू माउथ प्रमोशन का काम करता है। आप लोकल न्यूजपेपर में विज्ञापन दे सकते हैं।

Saturday, 16 January 2016

कम पैसे से शुरू करें ये 5 बिजनेस, हर महीने कमा सकते हैं 20 हजार रुपए.

कम पैसे से शुरू करें ये 5 बिजनेस, हर महीने कमा सकते हैं 20 हजार रुपए


कम पैसे में बिजनेस शुरू करने के कई बेहतर ऑप्शन इस समय मौजूद हैं। जिन्हें एक लाख से दो लाख रुपए में शुरू किया जा सकता है। साथ ही आसानी से हर महीने 20 हजार रुपए से लेकर 25 हजार रुपए की कमाई की जा सकती है।

ऑफिस मैटेरियल सप्‍लायर

कम पैसे से शुरू करें ये 5 बिजनेस, हर महीने कमा सकते हैं 20 हजार रुपए
भारत में हर साल ऑफिस एवं स्‍कूल में बहुत सारे मैटेरियल (स्‍टेशनरी एवं अन्‍य सामान)  की जरूरत होती है। इन मैटेरियल की सप्‍लाई का बिजनेस शुरू करने के लिए बहुत कम पूंजी की जरूरत पड़ती है। खासकर इस बिजनेस को यदि आप जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करके सरकारी दफ्तरों से ऑर्डर लेकर सप्‍लाई करते हैं तो इसमें बहुत मुनाफा है। इस बिजनेस के लिए आपको एक नेटवर्क बनाना होगा एवं ऑफिस में रेग्‍युलर बेसिस पर विजिट करना होगा। साथ ही आपको अपने बिजनेस के बारे में संभावित क्लाइंट्स को संतुष्‍ट करने की क्षमता होनी चाहिए।

रिक्रूटमेंट फर्म
रिक्रूटमेंट फर्म भी एक सफल और बेहतरीन बिजनेस आइडिया है, क्‍योंकि बेरोजगारों  की तुलना में ऐसी कंपनियों की संख्या काफी कम  है। इस बिजनेस के लिए आपको सिर्फ एक छोटा सा ऑफिस स्‍पेस और कुछ छोटी एवं बड़ी कंपनियों से संपर्क रखने की जरूरत पड़ेगी। इस बिजनेस की डिमांड आर्थिक संकट बढ़ने के साथ ही बढ़ जाती है। खासकर भारत और ग्‍लोबल स्‍तर पर कांट्रैक्‍ट पर रिक्रूटमेंट के लिए कंपनियां रिक्रूटमेंट फर्म पर ज्‍यादा भरोसा करती हैं। ऐसी स्थिति में आपके फर्म के जरिए रिक्रूटमेंट करने पर कंपनियां आपको कमीशन के तौर पर कुछ समय के लिए पैसे देती है।

रियल एस्‍टेट कंसल्टेंट
महानगरों एवं बड़े शहरों में जिस प्रकार से दिन-ब-दिन प्रॉपर्टी की डिमांड बढ़ रही है। उसको देखते हुए  आप रियल एस्‍टेट कंस्‍लटेंट का बिजनेस शुरू कर सकते हैं, जिसमें पैसा कमाने के लिए बेहतर अवसर मौजूद हैं। ये बिजनेस खास तौर पर वहीं अच्छी तरह से कर सकते हैं, जहां पर आप रहते हैं। कंसल्टेंट के तौर पर आप हर डील पर 1 से 2 फीसदी का कमीशन चार्ज कर सकते हैं। इसमें मकान किराये पर दिलाने पर भी कमीशन मिलता है।

ज्‍वैलरी मेकर एवं डिजाइनर

कम पैसे से शुरू करें ये 5 बिजनेस, हर महीने कमा सकते हैं 20 हजार रुपए
ज्‍वैलरी मेकिंग एवं डिजाइनर का बिजनेस भी एक बेहतर आइडिया है। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आप कुछ दिनों का प्रशिक्षण लेकर ज्‍वैलरी बनाने और बेचने का कारोबार शुरू कर सकते हैं। इस बिजनेस के लिए मार्केट में कई मौके मौजूद हैं, जिसमें आर्टिफिशियल ज्‍वैलरी मैन्‍युफैक्‍चरिंग, गोल्‍ड, डायमंड और प्‍लैटिनम ज्‍वैलरी की डिजाइन बनाना आदि शामिल है। यह बिजनेस इसलिए भी फायदेमंद है, यदि आप ज्‍वैलरी डिजाइनर का कारोबार करना चाहते हैं तो डीलर आपको इसके लिए मैटेरियल भी उपलब्‍ध कराता है।

होम कैंटीन बिजनेस 

कम पैसे से शुरू करें ये 5 बिजनेस, हर महीने कमा सकते हैं 20 हजार रुपए
बहुत ही कम निवेश में घर से कैंटीन चलाना एक बेहतरीन बिजनेस आइडिया है। इस बिजनेस को आप अपने घर से शुरू कर सकते हैं। खाना सप्लाई करने के लिए आप अपने आस-पास के ऑफिस, फैक्‍ट्री आदि में संपर्क कर सकते हैं। इन दिनों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई आदि बड़े शहरों में ऐसे बिजनेस के अच्‍छे मौके हैं। बड़े शहरों में पति-पत्नी दोनों के कामकाजी होने से उनके पास खाना बनाने का समय कम ही होता है। इस बिजनेस की सफलता की वजह भी यही है।

Tuesday, 12 January 2016

नौकरी की तलाश है तो यहां करें सर्च, 10 लाख हैं मौके...


नौकरी की तलाश है तो यहां करें सर्च, 10 लाख हैं मौके

देश में कुछ ऐसे सेक्‍टर हैं, जहां इस साल नौकरी के 10 लाख मौके पैदा होने वाले हैं। अगर आप बेरोजगार हैं और नौकरी तलाश रहे हैं, तो यहां जॉब मिलने की सबसे ज्‍यादा संभावना है।  आपको ऐसे ही सेक्टरों के बारे में बता रहा है, जहां आसानी से नौकरी मिल सकती है...
नौकरी के लिए खास होने जा रहा साल नौकरियों के लिहाज से नया साल बेहद खास होने जा रहा है। इस साल कंपनियों की ओर से 10 लाख लोगों को रोजगार दिए जाने की संभावना है। कई जॉब पोर्टल्स ने अपने सर्वे में इस बात का दावा किया है।

मैन्‍युफैक्‍चरिंग में लाखों जॉब
इस साल मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर में लाखों जॉब पैदा होने वाली हैं। मैन्‍युफैक्‍चरिंग को बूस्‍ट देने के लिए सरकार की ओर से शुरू किए गए मेक इन इंडिया प्रोग्राम के चलते इस साल नौकरियों के लाखों मौके पैदा होने की संभावना है। एक्‍सपर्ट के मुताबिक, इस साल मैन्‍युफैक्‍चरिंग में भारी FDI आएगा। इससे तमाम नौकरियां पैदा होंगी। TimesJobs.com के COO विवेक मधुकर के मुताबिक, सरकार की ओर से मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन दिए जाने के चलते 2016 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में डिमांड बढ़ने जा रही है। माना जा रहा है कि इस साल यहां चार लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

डिजिटल इंडिया से आईटी में जॉब
सरकार की ओर से डिजिटल इंडिया को पुश दिया जा रहा है। इससे आईटी में जॉब में ढेरों मौके खुलने वाले हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक ने भारत को लेकर विशेष योजना बनाई है। इसके अलावा इस क्षेत्र में नए स्‍टार्ट-अप्‍स से भी नौकरियां पैदा होंगी। MyHiringClub.com & JobPortal.co.in  के CEO राजेश कुमार कहते हैं कि इस साल डिजिटल इंडिया में नौकरी के ढेरों मौके पैदा होंगे। यहां जॉब के 2 लाख से ज्‍यादा मौके पैदा होने की उम्‍मीद है।

इन सेक्‍टर्स में भी हैं मौंके
इसके अलावा रिटेल, फाइनेंस और टेक्‍नोलॉजी जैसे कई क्षेत्रों में उभरते स्‍टार्ट-अप इकोसिस्‍टम से 2016 नौकरियों के लिए बेहतरीन रह सकता है। MyHiringClub.com के नए सर्वे के मुताबिक, लगभग सभी बड़े नियोक्‍ता 2016 में रिक्रूटमेंट को लेकर पॉजिटिव हैं। इस साल संगठित क्षेत्र में 10 लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं। ई-कॉमर्स भी जॉब के लिहाज से काफी अहम होने जा रहा है।





Source :Bhaskar News

Saturday, 5 December 2015

ऐसे मिलेगा रेलवे का तत्काल कन्फर्म टिकट, यह है बुक करने का बेस्ट तरीका.

ऐसे मिलेगा रेलवे का तत्काल कन्फर्म टिकट, यह है बुक करने का बेस्ट तरीका

 आमतौर पर रेलवे का कन्फर्म टिकट मिलना बहुत ही मुश्किल होता है। ऐसे में अधिकांश लोग तत्‍काल के भरोसे ही यात्रा की प्लानिंग करते हैं। लेकिन जब तत्काल टिकट भी नहीं मिलता है, तो उन्‍हें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। फिर उनके पास बुकिंग एजेंट या वेटिंग टिकट का सहारा ही बचता है। लेकिन इससे भी उन्‍हें शायद ही कोई राहत मिलती है।आज हम आपको तत्‍काल में कन्फर्म टिकट लेने के लिए बेस्‍ट टिप्‍स दे रहे हैं। नीचे दिए हुए तरीकों का इस्‍तेमाल करने से आपको कन्‍फर्म टिकट मिलने का चांस बढ़ जाएगा। 

पसर्नल नेट कनेक्शन से बुक करें टिकट
ऑनलाइन टिकट हमेशा होम कनेक्शन से बुक करने का प्रयास करें। आईआरसीटीसी एक आईपी एड्रेस से दो टिकट बुक करने की अनुमति देता है। ऐसे में अगर, आप ऑफिस से टिकट बुक कर रहे हैं तो हो सकता है कि कोई आपका साथी भी उसी समय टिकट बुक कर रहा हो। ऐसे में आपको टिकट मिलने का चांस कम हो जाएगा, क्‍योंकि एक आईपी एड्रेस से एक समय में दो टिकट ही बुक किए जा सकते हैं।

आईआरसीटीसी की साइट पर समय से पहले लॉग इन करें
ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए आईआरसीटीसी की साइट पर समय से पहले लॉग इन कर लें। आईआरसीटीसी से तत्‍काल टिकट 10 बजे से शुरू होता है तो आप 9:55 में लॉग इन कर लेना आपके लिए सुरक्षित रहेगा। अपने प्रोफाइल को एक्टिवेट रखने के लिए माई प्रोफाइल पर क्लिक करते रहें। जैसे ही घड़ी की सूई 9:58 पर जाए, वैसे ही प्लान माई ट्रेवल पेज पर क्लिक कर यात्रा का ब्योरा भर दें। और 10 बजते ही समिट बटन पर क्लिक कर लें। अगर, आप ऐसा करते हैं तो टिकट मिलने का चांस बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है।

फास्ट इंटरनेट कनेक्शन
रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नेट की स्‍पीड की बहुत ही अहम भूमिका होती है। जब भी ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने बैठें तो सबसे पहले नेट की स्‍पीड चेक कर लें। ऐसे नेट कनेक्शन से टिकट बुकिंग न करें, जिसकी स्‍पीड बहुत ही स्लो हो। नेट की स्‍पीड स्लो होने से पूरा प्रोसेस धीमा हो जाएगा, जिससे टिकट मिलने का चांस बहुत कम हो जाएगा। इसलिए हमेशा ब्रॉड बैंड कनेक्शन का ही उपयोग टिकट बुक करने में करें।

क्रोम या मोजिला ही यूज करें
टिकट बुक करने के लिए हमेशा फास्ट इंटरनेट ब्राउजर ही यूज करें। इसके लिए क्रोम या मोजिला में से किसी एक को चुनें। इंटरनेट एक्सप्लोरर या ओपेरा का इस्‍तेमाल नहीं करें। स्लो ब्राउजर होने से भी टिकट मिलने का चांस कम हो जाता है।

ऐड ब्‍लॉकर्स
आईआरसीटीसी की वेबसाइट तत्‍काल टिकट बुक करने के समय काफी लेट से खुलती है। इसकी वजह सर्वर पर बहुत ज्‍यादा लोड होता है। इसकी दूसरी वजह इस साइट पर चलने वाले विज्ञापन भी हैं। जब आप साइट खोलते हैं तो विज्ञापन डिस्प्ले होने के चक्‍कर में काफी टाइम बर्बाद हो जाता है। इससे बचने के लिए ऐड ब्‍लॉकर्स जरूर डाउनलोड कर लें। यह आपके ब्राउजर पर ऐड को डिस्प्ले नहीं होने देगा, जिससे साइट तेजी से काम करेगी।

ब्राउजर से इमेज को डिसेबल करें
इमेज की वजह से बैंडविड्थ की अधिक खपत होती है और यह आईआरसीटीसी की साइट के प्रोसेस को धीमा भी करती है। साइट का प्रोसेस बढ़ाने के लिए ब्राउजर से इमेज लोड को डिसेबल कर दें। यह ऑप्शन आपको ब्राउजर की सेटिंग में मिल जाएगा। इमेज डिसेबल कर देने से आईआरसीटीसी साइट की स्‍पीड बढ़ जाएगी।

एक साथ दो अकाउंट का करें इस्‍तेमाल
तत्‍काल टिकट लेने के लिए एक साथ दो अकाउंट का यूज करें। एक ही कम्प्यूटर पर दो ब्राउजर खोल लें और दो आईडी से लॉग-इन करें। इससे टिकट मिलने का चांस बढ़ जाएगा। कभी भी एक आईडी को दो ब्राउजर पर एक ही समय में इस्‍तेमाल न करें। ऐसा करने से आप खुद व खुद लॉग आउट हो जाएंगे।

आईआरसीटीसी मास्‍टर लिस्‍ट
आरसीटीसी की साइट पर लॉग-इन करने के बाद अपने प्रोफाइल मेन्‍यू में जाकर मास्‍टर लिस्ट पर क्लिक करें। इसमें जितने लोग का टिकट बुक करना है, उनका डिटेल भर दें। इसके साथ उनकी आईडी भी दे सकते हैं। इससे आपको टिकट लेने के समय उनका ब्योरा भरने में समय नहीं लगेगी।

क्रोम पर तत्‍काल टिकट नाउ डाउनलोड करें
क्रोम ब्राउजर पर तत्‍काल टिकट नाउ (Tatkal Ticket Now) को डाउन लोड कर लें। इसमें आप टिकट लेने वाले की सारी डिटेल 10 AM से पहले भर सकते हैं। फिर जब आप पेमेंट करेंगे तो री-प्लान बटन पर क्लिक करना होगा। इससे डाटा आईआरसीटीसी के टिकट फर्म में अपलोड हो जाएंगे।

आईडी तैयार रखें
तत्‍काल टिकट लेने में आपको एक आईडी प्रमाण पत्र का नंबर देना होता है। टिकट बुक करने से पहले इसके नंबर को लिखकर रख लें। इससे टिकट बुक करते समय आपको पर्स या दूसरी चीजों में अपनी आईडी नहीं खोजनी होगी।

फास्ट पेमेंट गेटवे का इस्‍तेमाल करें
तत्‍काल ऑनलाइन टिकट बुक करने में फास्ट पेमेंट गेटवे का इस्‍तेमाल करें। यह जान लें कि क्रेडिट, डेबिट या दूसरे कैश कार्ड से बेहतर ऑनलाइन बैंकिंग होती है। इसका प्रोसेस इन सभी से तेज होता है। इसका इस्‍तेमाल कर आप समय की बचत कर सकते हैं और टिकट ले सकते हैं।

Wednesday, 2 December 2015

महिलाएं घर बैठे शुरू कर सकती हैं ये 7 काम, पहले महीने से होने लगेगी इनकम.

महिलाएं घर बैठे शुरू कर सकती हैं ये 7 काम, पहले महीने से होने लगेगी इनकम

 परिवार चलाने का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर बड़े शहरों में। ज्यादातर परिवारों में अकेले पुरुष की कमाई से खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में नॉन वर्किंग महिलाएं घर पर ही पार्ट टाइम काम करके इनकम शुरू कर सकती हैं। इससे परिवार को आर्थिक सहारा मिल जाएगा और दूसरा आपकी एजूकेशन का सही इस्तेमाल हो जाएगा। ऐसे ही तरीके, जिससे महिलाएं घर बैठे कमाई कर सकती हैं।

1. हॉबी क्‍लासेस
आपको पेंटिंग करने, गिटार बजाने जैसी कोई भी हॉबी रही है तो आप दूसरों को सिखाकर अपने लिए इनकम का सोर्स शुरू कर सकती हैं। हॉबी क्लासेज को पिछले कुछ सालों में तेजी से मान्यता मिली है। घर पर ट्यूशन लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में यह आपके लिए बेहतर इनकम का जरिया हो सकता है। इससे एक महीने में आप 25 हजार रुपए तक की कमाई कर सकती हैं। आपको रोजाना ट्यूशन देने की भी जरूरत नहीं है। हफ्ते में आप सिर्फ तीन से चार क्लास भी ले सकती हैं। इसके लिए प्रति व्यक्ति 1000 रुपए या उससे अधिक फीस मिल जाती है।

2. कंसल्टेंसी
किसी भी इंडस्ट्री में एक अच्छे आइडिया की जरूरत होती है। यदि आपने कोई प्रोफेशन डिग्री ली है, लेकिन आप हाउसवाइफ के रूप में रह रही हैं तो आप कंसल्टेंसी का काम शुरू कर सकती हैं। इसके लिए आप खुद के नेटवर्क में अन्य प्रोफेशनल्स को भी जोड़ सकती हैं। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए बड़े इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं है। एक छोटा कमरा भी आपके ऑफिस के रूप में तब्दील हो सकता है।

3. फ्रीलांसिंग राइटिंग
जरूरी नहीं किसी दफ्तर में आठ घंटे की नौकरी करने के बाद ही पैसा कमाया जाए। अगर आपके अंदर लिखने-पढ़ने का हुनर छुपा है तो उसे बाहर निकालें। इन हुनर के जरिए भी आप घर बैठे कमाई कर सकती हैं। आप किसी मैग्जीन, अखबार के लिए घर बैठकर आर्टिकल लिख सकती हैं। कई पत्रिका और अखबार सिटीजन जर्नलिस्ट कैटेगरी में आम लोगों को मौका देते हैं कि वो उनके लिए आर्टिकल्स लिखें। इसके लिए प्रति आर्टिकल 200 रुपए तक चार्ज किया जाता है। हालांकि, हर जगह के लिहाज से ये चार्ज अलग हो सकता है, लेकिन इससे आपकी कमाई होने लगेगी।

4. फिटनेस सेंटर और योगा सेंटर
फिटनेस सेंटर शुरू करने में भी ज्यादा इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं है। बस आपको फिटनेस की जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा, योग इंस्ट्रक्टर बनकर भी आप मोटी कमाई कर सकती हैं। दोनों ही तरह के बिजनेस के लिए आप या तो किराए पर जगह ले सकती हैं, या आपके पास खुद ही जगह है, तो यह और भी बेहतर होगा। लगातार बढ़ती बीमारियों और बढ़ते हेल्थ इश्यूज की वजह से यह बेहतर मुनाफे वाले बिजनेस हैं।

5. ऑनलाइन सर्वे जॉब
बदलते समय के साथ ऑनलाइन सर्वे जॉब में लोगों की डिमांड पहले की अपेक्षा काफी बढ़ी है। ऐसे में आप ऑनलाइन सर्वे में थोड़ा समय देकर घर बैठे अच्छी इनकम कर सकती हैं। ज्यादातर कंपनियां आपको मौका देती हैं कि उनके प्रोड्क्टस के लिए आप लोगों के प्रिव्यू लें और पब्लिक डिमांड के मुताबिक सर्विस डिलिवरी की बारीकियां बताएं। सर्वे करके कंपनी को देने की एवज में आपको अच्छी-खासी रकम मिल सकती है। यह काम आप कहीं से भी कर सकते हैं। इसके लिए किसी कंपनी के ऑफिस जाने की भी जरूरत नहीं। आप सिर्फ ऑनलाइन उनसे संपर्क करके उनके लिए काम करना शुरू कर सकती हैं।

6. कुकिंग करियर
खाना बनाने को हमेशा ही किसी काम की गिनती में नहीं रखा जाता लेकिन टेस्टी खाना खाए बिना किसी का काम भी नहीं चलता। ऐसे में आपके पास खाना बनाकर दूसरों को खिलाने का बेस्ट ऑप्शन है। यानी, आप घर बैठे टिफिन सिस्टम शुरू कर सकती हैं, जो आपको अच्छी इनकम का मौका देता है।

7. मेकअप एंड ब्‍यूटी
आज के दौर में मेकअप एंड ब्‍यूटिशियन बिजनेस को महिलाओं ने सबसे ज्‍यादा रोजगार के तौर पर अपनाया है। शुरुआत एक छोटे से ब्‍यूटी पार्लर से की जा सकती है। भविष्य में आप इस बिजनेस को आगे भी बढ़ा सकती हैं। इसके लिए जरूरी नहीं कि आपके पास शॉप या अलग से कोई जगह हो। आप घर बैठे भी इसकी शुरुआत कर सकती हैं।

Monday, 9 November 2015

जानिए दिवाली की सफाई कैसे बना सकती है आपको करोड़पति, न करें इग्नोर.

जानिए दिवाली की सफाई कैसे बना सकती है आपको करोड़पति, न करें इग्नोर

 दिवाली के साथ घरों में सफाई के साथ पुराने सामान को लेकर चिंता खड़ी हो जाती है। अक्सर लोग इस सामान को कबाड़ के भाव बेच देते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि कबाड़ी के हाथों में पहुंचा समान वास्तव में लाखों रुपए का होता है। इसका पता तब चलता है जब किसी एक्सपर्ट के हाथ में ये सामान पड़ता है और वो इसकी असल कीमत का खुलासा करता है।
ऐसे में आपको अपने पास रखे हर सामान की  न केवल जानकारी होनी चाहिए, बल्कि आपको उसकी कीमत का पता लगाना भी जरूरी है। जानिए कबाड़ में रखे कौन से से आइटम वास्तव में कीमती होते हैं और आपको लाखों दे सकते हैं।

किताबें
दिवाली की सफाई में सबसे ज्यादा मुश्किल किताबों को लेकर होती है। लेकिन याद रखिए अगर कोई किताब खास है तो उसकी कीमत हर हाल में उसके प्रिंट पर छपी कीमत की कई गुना होगी। भले ही आप अनजाने में कुछ रुपए प्रति किलो के हिसाब से उसे बेचने की सोच रहे हैं।

 नवंबर 2014 में आई फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की सबसे महंगी किताब की मौजूदा कीमत करीब 5 करोड़ डॉलर है। वहीं टॉप 10 किताबों में सबसे सस्ती किताब 80 लाख डॉलर की है। यकीन मानिए इनमें से कुछ किताबें पुरानी अलमारी, पुराने घर की सफाई के दौरान मिलीं थी।

जानिए आपके किताबों के खजाने में किन किताबों को मिल सकती है ऊंची कीमत

अगर किताबें रेयर हैं, यानी किताब की दूसरी कॉपी मार्केट में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।
ऐसी किताब जिसे किसी भी तरह से खास साबित किया जा सके। एंटीक एक्सपर्ट के मुताबिक कलेक्टर कीमत चुकाने के लिए वजह की तलाश करते हैं। ये वजह कुछ भी हो सकती है, जिसमें किताब की उम्र, उस पर किसी के साइन, उनका टॉपिक, उनके प्रजेंटशन का ढंग।

अगर किताब में किसी के हस्ताक्षर हों तो इससे कीमतें या तो काफी बढ़ती हैं या काफी घट जाती हैं। साइन करने वाला शख्स खास है या फिर आप उसे किसी खास कहानी से जोड़ सकते हैं तो किताब की कीमत कई गुना हो जाती है।

बिबिलियो डॉट कॉम जैसी कई वेबसाइट है जहां आप जाकर किताबों की वैल्यू जान सकते हैं। वहीं सभी बड़े शहरों में पुरानी किताबों के कारोबारी हैं जो आपकी किताबों को अच्छी कीमत दे सकते हैं।
जानिए दिवाली की सफाई कैसे बना सकती है आपको करोड़पति, न करें इग्नोर

गुजरे जमाने के डिजाइन वाले आर्ट वर्क
1930 के दौर में एक अंग्रेज सिपाही जेड ने चीन में एक पुराना बर्तन 100 डॉलर से कम कीमत में खरीदा था। फिलहाल जेड बाउल नाम से फेमस इस बाउल की कीमत 10 लाख डॉलर है।

घर की सफाई के दौरान कई बार ऐसे आइटम मिलते हैं जिन्हें आपके बड़े बुजुर्गों ने अपने दौर में खरीदा था। इसमें आर्टफैक्ट से लेकर ब्रांडेड पेन, पुराने दौर की रोजमर्रा की जरूरत की चीजें शामिल हैं। एंटीक एक्सपर्ट के मुताबिक फैशन अपने आपको रिपीट करता है। ऐसे में समय-समय पर खरीददार ऐसे आर्ट वर्क की तलाश करते रहते हैं। ओएलएक्स जैसी साइट्स पर ऐसे प्रोडक्ट लगातार बिक्री के लिए उपलब्ध रहते हैं। जिनकी आपको अच्छी कीमत मिल सकती है।

जानिए कौन सा सामान आपके लिए हो सकता हैं कीमती
ऐसे सामान जिनमें टूट फूट न हो।
ऐसे सामान जिन्हें रिस्टोर न कराया गया हो, यानी वो ओरिजनल हों
अगर सामान के साथ कोई ब्रॉन्ड या नाम जुड़ा है तो कीमत कई गुना हो सकती है।
अगर आप अपने एंटीक में किए गए आर्ट वर्क को क्लासिफाइड कर सकें जैसे किसी खास शैली, खास समय या किसी अंदाज या एक्सपेरीमेंट। इससे आपको अपने सामान को एंटीक में बदलने में मदद मिलेगी।
अगर कोई सामान एक सेट में मिलता है तो सेट का पूरा होना जरूरी है।



जानिए दिवाली की सफाई कैसे बना सकती है आपको करोड़पति, न करें इग्नोर

 एंटीक उपकरण
घड़ी, रेडियो, कैल्कुलेटर, फोन,  जैसे उपकरणों का अपना इतिहास है। इनसे जुड़ी कंपनियां सालों से अपने उपकरण बना रही हैं। और हर साल अपने पुराने ब्रैंड को मार्केट से हटा लेती हैं। वहीं कुछ कंपनियां बंद हो जाती है या ये उपकरण ही चलन से बाहर हो जाते हैं। इस्तेमाल खत्म होने से धीरे धीरे ये रेयर कैटेगरी में आ जाते हैं।
अगर आपके पास ऐसा कोई गैजेट है जो गैजेट की किसी सीरीज या टेक्निक के शुरुआती दौर का है और अब भी सही हालत में है। शायद जिसे आपके दादा या परदादा ने खरीदा था तो हो सकता है कि वो आपके लिए एक बड़ी लॉटरी छोड़ गए हों।
ऐसे प्रोडक्ट की काफी कीमत होती है। यहां तक कि आज के दौर में भी लोग दस या बीस साल पुराने किसी प्रोडक्ट को सहेज कर रख रहे हैं जिससे बीस या तीस साल में उसकी शानदार कीमत मिल सके।

कौन से एंटीक उपकरण होते हैं कीमती
ऐसे प्रोडक्ट का सही हालत में होना जरूरी है। भले ही तकनीक बदलने से उसका इस्तेमाल संभव न हो।
प्रोडक्ट ओरिजनल हो और उसे रिस्टोर न कराया गया हो।
प्रोडक्ट के साथ अगर उस दौर का यूजर मैन्युल मौजूद हैं तो कीमतें कई गुना बढ़ जाती हैं क्योंकि इससे साबित होता है प्रोडक्ट न केवल ओरिजनल है साथ ही पूरे प्रोडक्ट की गंभीरता के साथ केयर की गई है।
हालांकि प्रोडक्ट अगर इन सब शर्तों पर खरा नहीं उतरता तो भी आपको बेहतर कीमत तो मिल ही सकती है।
जानिए दिवाली की सफाई कैसे बना सकती है आपको करोड़पति, न करें इग्नोर

मशीनों, कारों के रेयर पार्ट
अगर आपके पास कोई मशीन या उपकरण हैं लेकिन वो खराब हो चुका है तो भी आपको निराश होने की जरूरत नहीं हैं। इन मशीनों के पार्ट्स भी बिक सकते हैं। हालांकि इसके लिए समय और मेहनत दोनों लग सकती है। उदाहरण के लिए अगर आपके पास कोई खराब कार है जिसका प्रोडक्शन काफी पहले बंद हो चुका है, लेकिन एंटीक मार्केट में उसकी कीमत है। तो यकीन मानिए उसके पार्ट बहुत कीमती हैं।
आपको बता दें कि कलेक्टर ऐसे सामान पर कई गुना खर्च करते हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता हो। ऐसे में पार्टस की जरूरत खरीददार और विक्रेता दोनों को होती है। हालांकि इसका मार्केट सीमित है। पहले आपको अपनी प्रोडक्ट के काम करने वाले उपकरणों को अलग करना होगा। जिसके बाद इंटरनेट के जरिए उनके लिए मार्केट तलाशना होगा अगर मार्केट मौजूद है तब आप इन पार्टस को यूनीक आइटम की तरह बेच सकते हैं।

कौन से पार्ट्स हो सकते हैं कीमती
पार्टस जिस मशीन, कार, उपकरण में यूज किए जाते हैं उस मशीन की डिमांड हो लेकिन उसके पार्ट्स का प्रोडक्शन बंद हो।
पार्ट्स ऐसे हों जिसे दूसरी मशीन में इस्तेमाल किया जा सके।
पार्ट्स ओरिजनल हो क्योंकि कोई भी कलेक्टर अपनी मशीन में डुप्लीकेट पार्ट्स लगाकर उसकी कीमतें गिराना नहीं चाहेगा।



Source - money bhaskar

Sunday, 8 November 2015

अमीर बनने के लि‍ए जरूरी हैं ये 9 आदतें, आम लोगों की सोच से है अलग.

money

दुनि‍या के बड़े अरबपतियों को देखकर हर व्‍यक्‍ति‍ उस मुकाम पर पहुंचने का सपना देखता है। अपने पैसे का इस्‍तेमाल कैसे कि‍या जाए और जीवन में आगे कैसे बढ़ा जाए यही बात और सोच एक अरबपति‍ को एक औसत कमाई वाले व्‍यक्‍ति‍ से अलग कर देती है। कहा यह भी जाता है कि‍ आज क्‍या है कर रहे हैं यही सबसे अहम बात है।
‘रि‍च हैबि‍ट: द डेली सक्‍सेस ऑफ वेल्‍थी इंडि‍वि‍जि‍अल’ कि‍ताब के लेखक थॉमक कोरले ने बताया कि‍ हर रोज की सोच अमीरों को दूसरों से कैसे अलग करती है। कोरले ने अमीर व्‍यक्‍ति‍यों (16 लाख डॉलर और उससे ज्‍यादा की सालाना आय) और गरीब लोगों (35 हजार डॉलर और उससे कम की सालाना आय) दोनों के जीवन पर 5 साल तक अध्‍ययन कि‍या है। आज हम आपको उन बातों के बारे में बता रहा है जि‍ससे अमीरों और आम लोगों की सोच का फर्क नजर आता है। कोरले ने ‘रि‍च हैबि‍ट’ और ‘पॉवर्टी हैबि‍ट’ नाम से दो सेगमेंट बांट दि‍ए हैं।

क्‍या है अमीरों की आदतें जो डालती हैं सबसे ज्‍यादा प्रभाव 
अमीर व्‍यक्‍ति‍ हमेशा अपने लक्ष्‍य पर रखते हैं नजर
‘मैं अपने लक्ष्‍य पर हर रोज फोकस करता हूं।’
62 फीसदी अमीरों ने मानी बात
6 फीसदी गरीबों ने मानी बात
वह जानते हैं कि‍ उन्हें आज क्‍या करना चाहि‍ए
‘मैं अपने रोजाना काम की लि‍स्‍ट तैयार रखता हूं।’
81 फीसदी अमीरों ने मानी बात
19 फीसदी गरीबों ने मानी बात
वह टीवी नहीं देखते 
‘मैं प्रति‍दि‍न एक घंटे या उससे कम टीवी देखता हूं।’
67 फीसदी अमीरों ने मानी बात
23 फीसदी गरीबों ने मानी बात
वह पढ़ते हैं…लेकि‍न मजे के लि‍ए नहीं 
मुझे पढ़ना पसंद है
86 फीसदी अमीरों ने मानी बात
26 फीसदी गरीबों ने मानी बात
वह ऑडि‍यो बुक सुनते हैं 
‘काम करते समय मैं ऑडि‍यो बुक सुनता हूं।’
63 फीसदी अमीरों ने मानी बात
5 फीसदी गरीबों ने मानी बात
वह ऑफि‍स में अपने स्‍तर से ज्‍यादा काम करते हैं 
‘मैं अपनी नौकरी से ज्‍यादा काम करता हूं।’
81 फीसदी अमीरों ने मानी बात
17 फीसदी गरीबों ने मानी बात
वह अपनी कमर को देखते हैं
‘मैं हर रोज अपनी कैलोरी चेक करता हूं।’
57 फीसदी अमीरों ने मानी बात
5 फीसदी गरीबों ने मानी बात
वह जैकपॉट जीतने की उम्‍मीद नहीं करते
‘मैं रोज लॉटरी खेलता हूं।’
6 फीसदी अमीरों ने मानी बात
73 फीसदी गरीबों ने मानी बात
वह अपनी मुस्‍कान का ध्‍यान रखते हैं
‘मैं रोज मुस्‍कुराता हूं’
62 फीसदी अमीरों ने मानी बात
16 फीसदी गरीबों ने मानी बात

Saturday, 7 November 2015

ये हैं ‘मास्टर’ बिजनेसमैन, खेलने की उम्र में खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी.



ये हैं ‘मास्टर’ बिजनेसमैन, खेलने की उम्र में खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी



 खेलने की उम्र और करोड़ों की कंपनी के मालिक। जज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं। भारत में ऐसे कई ‘मास्टर’ बच्चे हैं, जिन्होंने छोटी-सी उम्र में ही खुद का बिजनेस शुरू कर दिया और आज बॉस बने हुए हैं। ये आंत्रप्रन्योर छोटे भले ही हों, लेकिन फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और गूगल के दिग्गज तक इनका लोहा मान चुके हैं। हम आपको बता रहे हैं, ऐसे ही पांच आंत्रप्रन्योर के बारे में, जिनकी उम्र कम होने के चलते कंपनी भी इनके नाम पर रजिस्टर्ड नहीं हो सकी, लेकिन कारोबार की दुनिया में यह अपने क्रिएटिव आइडिया के कारण छाए हुए हैं।

श्रवण कुमारन और संजय कुमारन
14 साल के श्रवण और 12 साल के संजय भारत से सबसे छोटे उद्यमी हैं। दोनों चेन्नई के रहने वाले हैं। दोनों ने मिलकर वर्ष 2011 में ‘गो डाइमेंशन्स’ ऐप लॉन्च किया था। दोनों ही ऐप बनाने में माहिर हैं। अब तक ये दोनों 11 ऐप डेवलप कर चुके हैं। इनकी एप्लिकेशन एप्पल प्ले स्टोर और गूगल प्ले स्टोर दोनों पर मौजूद हैं। इस ऐप के करीब 35 हजार से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। अपनी प्रतिभा के कारण दोनों आईआईएम-बेंगलुरु और टेडेक्ट कॉन्फ्रेंस में प्रजेंटेशन दे चुके हैं। फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भी दोनों से मिल चुके हैं। श्रवण कंपनी के प्रेसिडेंट, जबकि संजय सीईओ हैं। दोनों की उम्र कम है, इसलिए भारतीय कानून के मुताबिक इनकी कंपनी परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर रजिस्टर्ड है।

किंग सिद्धार्थ
ये एक ऐसा नाम है, जिसने युवाओं के लिए मिसाल कायम की है। 11 साल की उम्र में ही सिद्धार्थ ने क्रिएटिव राइटिंग शुरू कर दी थी। 10वीं कक्षा में पढ़ते हुए सिद्धार्थ ने ऑनलाइन मैगजीन  शुरू की थी। यह बहुत फेमस हुई। इसके बाद उन्होंने फिल्म मेकिंग में इंटरेस्ट दिखाया और कई शॉर्ट वीडियो तैयार कीं। 2010 में सिद्धार्थ दुनिया के 25 यंग उद्यमियों में शामिल हुए। 19 साल के सिद्धार्थ अब टीन्स के बीच छोटे कॉम्पिटीशन ऑर्गेनाइज करते हैं। इन्हें ‘Createens’ कहते हैं। इसके जरिए यंग स्टूडेंट्स को ब्लॉगिंग और एंटरप्रेन्योर बनने की ट्रेनिंग दी जाती है। सिद्धार्थ स्प्रिचुएलिटी और साइंस पर एक किताब भी लिख चुके हैं

अर्जुन राय
सात साल की उम्र में ही अर्जुन की प्रतिभा सबके सामने आ गई। उन्होंने एक गैराज में सेल्स का काम किया और घर के बाहर स्टफ बेचना शुरू किया। इससे भी बात नहीं बनी तो फूल बेचने शुरू कर दिए। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन कंपनी शुरू की, जो विज्ञापन के लिए काम करती थी। फिलहाल अर्जुन 'canvas.co' के फाउंडर और सीईओ हैं। कंपनी क्रिएटिव ऐड के लिए काम करती है।

फरहाद एसिडवाला
पुणे महाराष्ट्र में जन्मे फरहाद एसिडवाला 21 साल के हैं। 12 साल की उम्र में ही उन्होंने इंटरनेट बिजनेस शुरू कर दिया था। साल 2009 में उन्होंने ‘Rockstah Media’ कंपनी बनाई। यह कंपनी वेब डेवलपिंग में काम करती है। इसके लिए फरहाद ने अपने पिता से 500 रुपए उधार लेकर डोमेन खरीदा था। आज वह इस कंपनी के सीईओ हैं। फरहाद की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक साल के भीतर ही उनकी डेवलपर, मार्केटर्स और डिजाइनर्स की टीम विभिन्न देशों में फैली है।

अंकुर जैन
अंकुर को यह प्रतिभा विरासत में मिली है। इन्फोस्पेस के फाउंडर नवीन जैन के बेटे अंकुर ने सात साल की उम्र में अपना वेंटर स्टरनियम शुरू किया था। अंकुर अभी अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ मिलकर ‘Kairos society’ नाम की कंपनी चला रहे हैं, जो ग्रैजुएट और अंडर ग्रैजुएट लोगों को खुद का बिजनेस शुरू करने में मदद करती है। वह अभी 25 साल के हैं।


source : bhaskar news

Saturday, 31 October 2015

जानिए, कैसे शुरू करते हैं कंपनी, किन चीजों की होती है जरूरत.

जानिए, कैसे शुरू करते हैं कंपनी, किन चीजों की होती है जरूरत


ज्‍यादातर लोगों कि इच्‍छा होती है कि उनका अपना कोई काम या कारोबार हो और वे खुद अपना बॉस हों। उनके पास ऐशोआराम की वे तमाम सुविधाएं उपलब्‍ध हों, जो देश एवं दुनिया के अमीर लोगों और कारोबारियों के पास होते हैं। ऐसे में यदि आप भी अपनी कंपनी बनाकर खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं। तो आइए हम बताते हैं कि कंपनी शुरू करने के लिए कौन-कौन सी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। इसके साथ ही नई कंपनी रजिस्‍टर्ड कराने के लिए कितना शुल्‍क देना पड़ता है।
आजकल रजिस्‍ट्रेशन कराने की अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो जाने की वजह से नई कंपनी बनाना पहले की अपेक्षा ज्‍यादा सुविधाजनक और आसान है। अगर आप भी अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए प्राइवेट लिमिटेड कंपनी रजि‍स्‍टर्ड कराना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कम से कम दो और अधिक से अधिक 15 सदस्‍यों की जरूरत होगी। दरअसल मोदी सरकार के सत्‍ता में आने के बाद जुलाई से सितंबर के बीच नई कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में जबरदस्‍त उछाल आया है। सितंबर, 2015 में जहां 6,864 कंपनियां रजिस्टर्ड हुईं। वहीं, जुलाई से सितंबर के बीच तीन महीनों में 20 हजार से ज्यादा नई कंपनियों के रजिस्‍ट्रेशन हुए।

नई कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन में लगते हैं 14-20 दिन 
आमतौर पर किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन के लिए 14-20 दिन का समय लगता है, लेकिन रजिस्‍ट्रेशन में लगने वाला समय कस्‍टमर के द्वारा संबंधित डॉक्‍यूमेंट को जमा करने और सरकार के द्वारा इसको कितनी जल्‍दी स्‍वीकृति मिलती है, उस पर निर्भर करता है। इसलिए आपको अपनी कंपनी का नाम यूनिक रखना चाहिए और इससे संबंधित डॉक्‍यूमेंट को रजिस्‍ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होते ही जमा कराना चाहिए, ताकि कंपनी को रजिस्‍टर्ड होने में ज्‍यादा समय नहीं लगे। कारोबारी कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरह से जमा कर सकते हैं।

कंपनी में अधिकतम 200 शेयर होल्‍डर्स 
एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी खोलने के लिए कम से कम 2 लोगों की जरूरत होती है। प्राइवेट लिमिटेड में कम से कम दो डायरेक्‍टर और अधिक से अधिक 15 डायरेक्‍टर हो सकते हैं। इसमें कम से कम 2 शेयर होल्‍डर्स हो सकते हैं, जबकि आपको ज्‍यादा से ज्‍यादा 200 शेयर होल्‍डर्स रखने की इजाजत कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय (एमसीए) देता है।

कंपनी के डायरेक्‍टर बनने की योग्‍यता
आमतौर पर किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्‍टर बनने के लिए किसी व्‍यक्ति की आयु कम से कम 18 साल या इससे अधिक होनी चाहिए, जबकि योग्‍यता संबंधी कोई नियम तय नहीं है। इसलिए एक साधारण व्‍यक्ति भी किसी कंपनी का डायरेक्‍टर बन सकता है। इसके अलावा, डायरेक्‍टर बनने के लिए निवास स्‍थान और नागरिकता जैसी कोई बाध्‍यता भी नहीं है। इसलिए एक विदेशी नागरिक होने के बावजूद कोई व्‍यक्ति भारत में किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का डायरेक्‍टर बन सकता है।

कंपनी शुरू करने के लिए कैपिटल
यदि आप प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की शुरुआत करने जा रहे हैं, तो कैपिटल मनी के रूप वह राशि कुछ भी हो सकती है। हालांकि कंपनी शुरू करने के लिए सरकार को फीस के तौर पर कम से कम 1 लाख रुपए शेयर के रूप में देना अनिवार्य है। ये पैसे ऑथराइज्‍ड कैपिटल फी के तौर पर कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन कराने के दौरान देने होते हैं। वहीं, कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन कराने के दौरान आपके लिए कैपिटल इन्‍वेस्‍टमेंट से संबंधित कोई प्रूफ देना भी जरूरी नहीं है।

कंपनी खोलने के लिए ऑफिस जरूरी
भारत में कंपनी शुरू करने के लिए एक जगह की आवश्‍यकता होती है, जहां से कंपनी का संचालन होता है और उसी पते पर नई कंपनी रजिस्‍टर्ड भी होती है। यह जगह कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल एरिया के अंदर भी हो सकती है। ताकि यहां से मिनिस्‍ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (एमसीए) आपसे इस पते पर कॉरेस्‍पॉन्‍डेंस (पत्राचार) कर सके।

रजिस्‍ट्रेशन के लिए अनिवार्य डाक्‍यूमेंट 
· कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन कराते समय पहचान पत्र और पते के लिए प्रमाण पत्र प्रस्‍तावित सभी डारयेक्‍टर्स को देना होगा। · नई कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन में भारतीय नागरिकों के लिए पैन कार्ड का होना भी जरूरी है। · जिस पते पर कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन कराया जाना है, उसका प्रमाण पत्र देना होगा। · कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन के लिए मकान मालिक की ओर से जारी किया गया नो ऑब्‍जेक्‍शन सर्टिफिकेट भी देना अनिवार्य है। · जिस व्‍यक्ति के नाम से रजिस्‍ट्रेशन कराया जाना है, उसका पहचान प्रमाण पत्र और पत्राचार प्रमाण पत्र भी देना जरूरी है। · जिस पते पर नई कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन होना है, उस पते का भी प्रमाण पत्र पेश करना जरूरी है।

कंपनी की रजिस्‍ट्रेशन प्रक्रिया और फीस 
कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन कराने के लिए सबसे पहले आपको फॉर्म आईएनसी-29 भरकर जरूरी डॉक्‍यूमेंट के साथ कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय (एमसीए) में जमा कराना होगा। यदि एमसीए द्वारा रजिट्रेशन के लिए प्रस्‍तावित कंपनी के नाम को स्‍वीकार कर लिया जाता है तो वह इनकॉरपोरेशन जारी करेगा। अगर वह नाम को स्‍वीकार नहीं करता है तो आपको नया नाम देना होगा।

रजिस्‍ट्रेशन के लिए तीन तरह के पैकेज
नई कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन कराने के लिए कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्‍ट्री ने तीन तरह के ऑप्‍शन कारोबारियों को दिए हैं, जो कि इस प्रकार हैं:-
1. बेसिक- फास्‍ट ट्रैक
कंपनी को रजिस्‍टर्ड कराने के लिए पहला पैकेज बेसिक फास्‍ट ट्रैक का है। इसमें उन सभी तरह की फीस को शामिल किया गया है, जो कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन के लिए जरूरी हैं। बेसिक फास्‍ट ट्रैक पैकेज 15899 रुपए का है। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन के इस पैकेज में सभी जरूरी फीस भी शामिल है। इसमें 2 डीएससी, 2 डीआईएन, एमओए, एओए, नाम की स्‍वीकृति, पैन, टैन और सरकारी फीस भी शामिल हैं। इसके बाद आप बिजनेस सलाहकार से बात करके अपनी कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन का प्रोसेस शुरू कर सकते हैं।
2. स्‍टैन्‍डर्ड- फास्‍ट ट्रैक
 एमसीए के स्‍टैन्‍डर्ड फास्‍ट ट्रैक पैकेज के तहत यदि आप कोई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को रजिस्‍टर्ड कराना चाहते हैं, तो इसमें सभी जरूरी चीजों को शामिल किया गया है। इस पैकेज के तहत आप रजिस्ट्रेशन फी 19,899 रुपए देकर अपनी कंपनी को रजिस्टर्ड करा सकते हैं। इसमें अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर सेटअप, शेयर सर्टिफिकेट और कंपनी फोल्‍डर आदि शामिल हैं। आप बिजनेस सलाहकार से बात करके अपनी कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन का काम शुरू कर सकते हैं।
3. प्रीमियम- फास्‍ट ट्रैक 
प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रजिस्‍ट्रेशन के लिए जो प्रीमियम फास्‍ट ट्रैक पैकेज बनाया गया है, उसमें सभी चीजों को शामिल किया गया है, ताकि आप अपनी कंपनी को शुरू कर सकें। इसमें अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर, शेयर सर्टिफिकेट, कंपनी फोल्‍डर और ट्रेडमार्क रजिस्‍ट्रेशन शामिल हैं। इसके लिए आपको फीस 5899 रुपए देने होंगे, जिसके बाद आपकी कंपनी रजिस्‍टर्ड हो जाएगी और आप अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं।

Thursday, 29 October 2015

80 हजार से 1.25 लाख रुपए में शुरू करें ये बिजनेस, सरकार दे रही है लोन

80 हजार से 1.25 लाख रुपए में शुरू करें ये बिजनेस, सरकार दे रही है लोन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल में मुद्रा स्‍कीम लॉन्च की थी। मुद्रा यानी माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड का गठन छोटे कारोबारियों को लोन देने के लिए किया गया है। देश के लगभग सभी प्रमुख बैंक और फाइनेंस कंपनियां मुद्रा स्‍कीम के तहत मिलने वाला लोन उपलब्‍ध करा रही हैं। मुद्रा ने अलग अलग कारोबार के लिए प्रोजेक्‍ट प्रोफाइल तैयार कर लोगों को यह समझाने की भी कोशिश की है कि वह कितने पैसे से कौन-सा बिजनेस शुरू कर सकते हैं और मु्द्रा स्‍कीम के तहत उन्‍हें कितना लोन मिल सकता है। सवा लाख रुपए या उससे कम रकम होने के बावजूद शुरू किए जा सकते हैं।

90 हजार रुपए में शुरू कीजिए बेकरी 
यदि आप बेकरी प्रोडक्‍ट का बिजनेस करना चाहते हैं तो आपके पास 90 हजार रुपए होने चाहिए। इसके बाद आप नजदीकी बैंक में मुद्रा स्‍कीम के लोन के लिए आवेदन करिए। बैंक से आपको 2,97,500 रुपए का टर्म लोन और 1.49 लाख रुपए वर्किंग कैपिटल लोन मिल सकता है।

83 हजार रुपए में रेडीमेड गारमेंट यूनिट लगाएं 
छोटे कारोबार में रेडीमेड गारमेंट का बिजनेस अच्‍छा बिजनेस माना जाता है। यदि आप भी रेडीमेड गारमेंट बनाने की यूनिट लगाना चाहते हैं तो प्रमोटर को 83 हजार रुपए का इंतजाम करना होगा, जबकि बैंक से मशीनरी के लिए टर्म लोन 1.09 लाख रुपए और 2.23 लाख रुपए वर्किंग कैपिटल लोन मिलेगा। इस पैसे से आप 6 सिलाई मशीन, 1 ओवर लॉक मशीन, टेबल,स्‍टाफ की सैलरी, कच्‍चा माल ले सकते हैं।

1.15 लाख रुपए में शुरू करें स्‍टील फर्नीचर का बिजनेस
आप मुद्रा स्‍कीम के तहत स्‍टील फर्नीचर का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आप केवल 1.15 लाख रुपए का इंतजाम कर लीजिए। मुद्रा बैंक के मुताबिक, इस बिजनेस के लिए आपको बैंक से वर्किंग कैपिटल पर 1.28 लाख रुपए और 2.16 लाख रुपए टर्म लोन मिल जाएगा। मुद्रा बैंक की रिपोर्ट बताती है कि यह बिजनेस शुरू करके एक साल में 2.29 लाख रुपए का नेट प्रॉफिट होगा।

1.25 लाख रुपए में लगाएं फ्लोर मिल
आपके पास यदि 1.25 लाख रुपए हैं तो आप फ्लोर मिल लगा सकते हैं। फ्लोर मिल की प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट 2.50 लाख रुपए आएगी तो 1.25 लाख रुपए बैंक लोन कर देगा। इस फ्लोर मिल की सेल एक महीने में लगभग 1 लाख 15 हजार होगी,जिसमें लोन और खर्च घटाकर कम से कम 10 हजार रुपए बचाए जा सकते हैं।


source: bhaskar news


Friday, 23 October 2015

ये हैं घर बैठे सबसे ज्यादा कमाई वाले जॉब, मिलती है घंटे के हिसाब से फीस.

ये हैं घर बैठे सबसे ज्यादा कमाई वाले जॉब, मिलती है घंटे के हिसाब से फीस

इंटरनेट के बढ़ते चलन के साथ जॉब मार्केट में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। एक तरफ जहां फ्रीलांस का चलन बढ़ा है वहीं कंपनियां भी अपने काम के लिए एक्सपर्ट्स को ऊंची कीमत ऑफर कर रही हैं। ऑनलाइन स्टाफिंग कंपनी एलेंस और अपवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट के जरिए न केवल लोगों को जॉब ढूंढने में आसानी हुई है, बल्कि कंपनियों के लिए भी काम कराना काफी आसान हो गया है। आज हम आपको उन जॉब के बारे में बताएंगे जिनमें फ्रीलांसर सबसे ज्यादा कमाई करते  हैं। ये रिपोर्ट 1 जनवरी से 31 मई 2015 के बीच स्टाफिंग कंपनी एलेंस और अपवर्क के वेतन डाटा पर आधारित है।

लीगल कंसल्टेंट
लीगल कंसल्टेंट वो शख्स होता है जो किसी कंपनी को या फिर किसी दूसरे व्यक्ति को कानून से जुड़े मामले में राय दे सकता है। कंसल्टिंग वर्क होने की वजह से लीगल कंसल्टिंग का काम घर से किया जा सकता है। एलेंस की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में लीगल कंसल्टेंट की मांग है। रिपोर्ट के मुताबिक एक लीगल कंसल्टेंट को 68 डॉलर प्रति घंटे तक आसानी से मिल सकते हैं। वहीं इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ के एक्सपर्ट को 100 डॉलर प्रति घंटे से ज्यादा मिल सकते हैं। भारतीय रुपए में ये रकम 4400 से 6000 रुपए प्रति घंटे के बराबर है। इसके लिए आपको कानून की पढ़ाई करनी होगी। अगर आपको आय बढ़ानी है तो किसी खास देश या सेक्टर के कानूनों पर फोकस बढ़ाना होगा। 

फाइनेंशियल राइटिंग
अगर आपकी फाइनेंशियल मामलों पर समझ मजबूत है साथ ही भाषा पर भी पकड़ है। तो आप फाइनेंशियल राइटिंग के जरिए अच्छी कमाई कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस सेक्टर के माहिर खिलाड़ी फ्रीलांस काम करते हैं। फाइनेंस और बिजनेस पर अच्छा लिखने वाले को 57 डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से कमाई हो सकती है। ये 3700 रुपए प्रति घंटे के बराबर है। अगर आप फाइनेंशियल राइटर बनना चाहते हैं तो आपको भाषा, और सब्जेक्ट पर पकड़ मजबूत होनी चाहिए।

इंटरनेट सिक्युरिटी
इंटरनेट के जरिए होने वाली चोरियों और हेराफेरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब कंपनियां ज्यादा से ज्यादा रकम इंटरनेट सिक्योरिटी पर खर्च कर रही हैं। इसके लिए कंपनियां एक्सपर्ट को हायर करती हैं, जिससे वह वेबसाइट की  सिक्युरिटी बेहतर करता है । इसके साथ ही वह वेबसाइट पर वायरस या फिर किसी भी तरह के खतरे से बचाने के लिए अलर्ट करता है। इंटरनेट सिक्युरिटी के लिए एक्सपर्ट को 51 डॉलर तक यानी 3300 रुपए प्रति घंटे मिल सकते हैं।

इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग
अगर आपको इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट की डिजाइन का शौक है तो इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग आपके लिए घर बैठे अच्छी कमाई के मौके दे सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इंडस्ट्रिय डिजाइनिंग के लिए कंपनियां आपको 35 डॉलर यानी करीब 2200 रुपए प्रति घंटे तक भुगतान कर सकती हैं।  वहीं बुक कवर डिजाइनिंग के लिए भी अवसरों की कमी नहीं है। रिपोर्ट में बुक कवर डिजाइनिंग को भी टॉप फ्रीलांस जॉब में जगह मिली है। इसके लिए भी करीब 33 डॉलर प्रति घंटे तक भुगतान संभव है।

डाटा साइंस
अगर आपको आंकड़ों से खेलने का शौक है तो डाटा साइंस में आपके लिए काफी स्कोप है। डाटा साइंस में काफी बड़े डाटा की रिसर्च कर आपको ऐसे पैटर्न की तलाश करनी होती है जिससे किसी कंपनी या प्रोजेक्ट के लिए कारगर स्ट्रेटजी बनाई जा सके। एलेंस और अपवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक डाटा साइंस में एक्सपर्ट्स को 30 डॉलर प्रति घंटे की दर से काम मिल सकता है। भारतीय रुपए में ये करीब 2000 रुपए प्रति घंटा है।

Wednesday, 21 October 2015

हथेलियां स्कैन करके ये बैंक देता है लोन, नहीं होता डॉक्युमेंटेशन का झंझट.


हथेलियां स्कैन करके ये बैंक देता है लोन, नहीं होता डॉक्युमेंटेशन का झंझट

दुनिया में एक ऐसा बैंक है, जो अपने कस्‍टमर को बिना कोई डॉक्‍युमेंट के लोन देता है। हालांकि, यह बैंक सिर्फ इमरजेंसी सिचुएशन में ये लोन देता है। लोन देने के लिए बैंक कस्टमर की हथेलियों को स्कैन करके प्रिंट कर लेता है। ये बैंक जापान का है, जिसका नाम है ओगाकी क्योरित्सू बैंक। इस तकनीक के जरिए बैंक 2 मिलियन येन (11.20 लाख रुपए) तक लोन देता है।

तीन साल पहले बदला नियम 
साल 2011 में भूकंप और सुनामी ने जापान में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा था। उस दौरान लोगों को घर बनाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि इस आपदा की वजह से उनके दस्तावेज नष्ट हो चुके थे। इस त्रासदी में बचे हुए लोगों को फिर से अपने घर और बिजनेस शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत थी। जबकि, उन्‍हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी प्रूफ के बैंक लोन नहीं दे रहा था। कस्‍टमर को लोन के लिए अपनी पहचान साबित करने के लिए काफी तकलीफें उठानी पड़ी थीं। इसके बाद जापन के ओगाकी क्योरित्सू बैंक ने लोन देने की प्रक्रिया को साल 2012 में आसान बना दिया।

बैंक ने साल 2012 में लॉन्च की यह स्‍कीम 
बैंक ने साल 2012 में इस स्‍कीम को लांच किया था, जिसमें कस्‍टमर अपनी हथेलियों का प्रिंट देकर अकाउंट से पैसे निकाल सकते थे। आज की तारीख में इस सुविधा का लाभ 3 लाख से अधिक लोग उठा रहे हैं। स्कीम लांच करते वक्त ओगाकी क्योरित्सू बैंक के सीनियर अधिकारियों ने कहा कि हम उस त्रासदी को नहीं भूले हैं। इसलिए हमने कस्‍टमर के लिए लोन की प्रक्रिया आसान कर दी है। हम जरूरतमंद कस्‍टमर को बिना डॉक्‍युमेंट तुरंत लोन उपलब्ध कराना चाहते हैं। प्राकृतिक आपदा आने के तुरंत बाद यह लोन एक महीने के लिए कस्‍टमर को दिया जाता है, ताकि लोग अपनी जरूरत पूरी कर सकें। जापान में बैंक की 6 शाखाएं ये लोन देती हैं।

केवल प्राकृतिक आपदा पीड़ित को लोन 
यह लोन सिर्फ प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों को ही दिया जाता है। जापान में बैंक की यह सुविधा काफी चर्चित है, क्योंकि भूगर्भीय हलचलों के कारण यह देश भूकंप के लिए बहुत ही संवेदनशील माना जाता है।

बैंक 2 मिलियन येन तक देता है लोन 
दुनिया की किसी भी बैंक में बिना डॉक्‍यूमेंट के लोन नहीं दिया जाता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कस्‍टमर इस बैंक से 2 मिलियन येन तक लोन ले सकता है।

भारत के लिए भी कारगर हो सकता है मॉडल 
जिस तरह भारत में बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, उसे देखते हुए यह मॉडल काफी कारगर हो सकता है। अभी बॉयोमीट्रिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल धीरे-धीरे शुरू हुआ है। ऐसे में अगर यह मॉडल लागू होता है, तो आपदा के समय कस्टमर को काफी फायदा मिल सकता है।

Monday, 19 October 2015

कम कमाएं या ज्यादा, इन 3 बातों का रखेंगे ध्यान तो बन सकते हैं करोड़पति.


कम कमाएं या ज्यादा, इन 3 बातों का रखेंगे ध्यान तो बन सकते हैं करोड़पति

“करोड़पति बनने के ये जरूरी नहीं कि आपकी आमदनी ज्यादा हो। कम आमदनी में भी आप करोड़पति बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। आप छोटी-छोटी बचत करके ज्यादा पैसा इकठ्ठा कर सकते हैं। इसके लिए तीन चीजें जरूरी हैं। पहली, आप लंबे समय के लिए नियमित निवेश करें। दूसरी, आपको इस बचत पर ठीक-ठाक दर से रिटर्न मिले। तीसरी, एक बार जो आप तय कर लें, तो हर महीने आप उतनी राशि की बचत जरूर करें। आइए एक-एक कर इसे समझते हैं।”

लंबी अवधि का निवेश 
अगर आप लगातार पूंजी बचाते रहते हैं और उस पर एक निश्चित दर से रिटर्न मिलता रहता है, तो लंबी अवधि का निवेश करने पर आपको उस पूंजी पर चक्रवृद्धि का लाभ मिलता है। इसका सीधा मतलब यह है कि आप जितने लंबे समय तक निवेश करेंगे, आप उतनी अधिक गति से पूंजी बढ़ाने में कामयाब रहेंगे। अगर आप बीस सालों तक हर महीने 4,000 रुपए बचाते हैं और उस पर सालाना 12 फीसदी की दर से रिटर्न मिलता है, तो अंत में आपके पास 38,73,538 रुपए होंगे। लेकिन अगर आप तीस सालों तक इतनी ही बचत करें और उस पर इतनी ही दर से रिटर्न मिले, तो अंत में आपके पास 1,29,74,042 रुपए होंगे।

मिलने वाले रिटर्न की दर 
आप कितने समय में करोड़पति बनेंगे, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप जो पूंजी बचा रहे हैं, उस पर आपको किस दर से रिटर्न मिल रहा है। अगर निवेश की अवधि तय हो, तो मिलने वाले रिटर्न की दर में दो-तीन फीसदी के फर्क से भी अंत में जमा हुई पूंजी में काफी फर्क आ जाता है। अगर आप तीस सालों तक हर महीने 3,000 रुपए बचाएं और उस पर आपको 10 फीसदी की दर से रिटर्न मिले, तो अंत में आपके पास 65,13,962 रुपए होंगे। लेकिन यदि इसी पर आपको सालाना 13 फीसदी की दर से रिटर्न हासिल हो, तो आखिर में आपके पास 1,19,27,340 रुपए होंगे।

हर महीने की जाने वाली बचत 
करोड़पति बनने की राह में यह भी अहम है कि हर महीने आप कितनी रकम बचाने में कामयाब हो पाते हैं। आप हर महीने जितनी अधिक रकम बचा सकेंगे, आप उतने ही कम समय में करोड़पति बन सकेंगे। अगर आप हर महीने 3200 रुपए की बचत करते हैं और इस राशि पर आपको 12 फीसदी की दर से रिटर्न मिलता है, तो 30 सालों के बाद आपके पास 1,03,79,234 रुपए एकत्र हो जाएंगे। अब देखिए इस राशि में थोड़ी सी बढ़ोतरी से क्या फर्क पड़ता है। अगर आप हर महीने 3,300 रुपए की बचत करते हैं और उस राशि पर आपको 12 फीसदी की दर से रिटर्न मिलता है, तो 30 सालों के बाद आपके पास 1,07,03,572 रुपए होंगे।

कहां मिलेगा इतना रिटर्न 
यानि यह स्पष्ट है कि कुछ हजार रुपए के नियमित निवेश से करोड़ रुपए एकत्र किए जा सकते हैं। अब सवाल यह है कि ये पैसे कहां लगाए जाएं जहां 12-13 फीसदी सालाना की दर से रिटर्न मिल जाएं। ऐतिहासिक रूप से देखें तो शेयर बाजार इसके मुकाबले अधिक रिटर्न देता है। इसके अलावा इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश से भी इतना रिटर्न मिल सकता है ।

किन स्कीमों ने दिया है इतना रिटर्न
 उदाहरण के तौर पर, एचडीएफसी टॉप 200 स्कीम ने पिछले पांच सालों में 13.66 फीसदी के सीएजीआर (सालाना औसत विकास दर) से रिटर्न दिया है। पिछले दस सालों में इसने 22.53 फीसदी के सीएजीआर से रिटर्न दिया है। इसी तरह फ्रैंकलिन इंडिया ब्लूचिप फंड ने पिछले पांच सालों में 13.16 फीसदी के सीएजीआर से रिटर्न दिया है। इसी तरह फ्रैंकलिन इंडिया ब्लूचिप फंड ने पिछले पांच सालों में 13.16 फीसदी के सीएजीआर से रिटर्न दिया है